Home चुनाव  नोट से वोट के बेचिह ना भैया, सभे के कह दिह खबरदार

 नोट से वोट के बेचिह ना भैया, सभे के कह दिह खबरदार

राजगीर (नालंदा दर्पण)। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर के बस स्टैंड देवी प्रांगण में नालंदा जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी नालंदा एवं जिला युवा अधिकारी के निर्देशानुसार सृजन संस्था के द्वारा मतदाता जागरूकता पर आधारित नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों ने लोगों को जागरूक किया।

Brother you are selling votes through notes everyone is saying beware 2इस नाटक के जरिए अपने मत का प्रयोग वैसे व्यक्ति का चुनाव करने में करें, जो विकास का काम करेगा, जो अपराधी प्रवृत्ति का न हो, जो समाज का हित के बारे में सोचता हो, जो रुपया, कपड़ा, दारू का लालच देकर आपसे वोट मांगे, वैसे व्यक्ति को न देकर, स्वच्छ एवं सुंदर छवि वाले व्यक्ति का चुनाव करने का संदेश दिया गया।

इस मौके पर उपस्थित ब्रांड एंबेसडर लोग गायक भैया अजीत ने कहा कि हमें जाति संप्रदाय से ऊपर उठकर लोकतंत्र के इस महापर्व में हम सबको बढ़ चढ़ करके भाग लेना चाहिए। बुजुर्गों का कहना है कि वोट और बेटी एक समान होती है। इसलिए छानबीन कर बेटी का घर बसाना चाहिए तथा अपने मत का प्रयोग करना चाहिए। जिससे सही व्यक्ति का चुनाव हो सके और हमारा देश समाज का विकास हो सके।

उन्होंने जात-पात धरम प दिह मत वोट हो, इज्जत अधिकार हवे इहे तोहर वोट हो, मजबूत होखे उम्मीदवार, वोट के कर बौछार, नेता चुनियह तू आपन ईमानदार नोट से वोट के बेचीह ना भैया, सभी के कह दिया खबरदार जैसे गीतों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया और सभी लोगों को पहले मतदान, फिर करेंगे जलपान की शपथ दिलाई।

इस नुक्कड़ नाटक में कृपा कुमारी, अजीत कुमार, पंकज कुमार, कुंदन कुमार, कमलेश कुमार, नथुन दास एवं बद्री कुमार ने अहम भूमिका निभाई। अपनी नाच्य व गीत कला के माध्यम से लोगों को समझाने का प्रयास किया।  

जर्जर सड़क को लेकर भड़के दर्जनों गांव के ग्रामीण, चुनाव में देंगे वोट की चोट

खेतों में पराली न जलाएं किसान, समझें नुकसान, होगी कार्रवाई

काम नहीं तो वोट नहीं, चुनावी मुद्दा बना यह चचरी पुल

नशेड़ी दोस्तों ने 500 रुपए के लिए नशीली दवा पिलाई और पीट-पीटकर मार डाला

1.65 करोड़ खर्च से बजबजाती नाली बना राजगीर सरस्वती नदी कुंड

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version