चंडी अंचल कार्यालय में निवास प्रमाण पत्र पर कार की तस्वीर!

चंडी (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के चंडी अंचल कार्यालय में एक बार फिर से अजब-गजब कारनामा सामने आया है। इस बार एक लड़की के नाम पर निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन तो दिया गया, लेकिन उसमें तस्वीर के कॉलम में एक कार की फोटो अपलोड कर दी गई! यह वही चंडी अंचल कार्यालय है, जहाँ पहले भी कई हैरान करने वाली घटनाएँ हो चुकी हैं। इस नई घटना ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है।

18 जुलाई 2025 को चंडी अंचल कार्यालय में एक आवेदन प्राप्त हुआ, जिसकी संख्या BRCCO/2025/16281179 है। इस आवेदन में एक लड़की ने अपना निवास प्रमाण पत्र बनवाने की माँग की थी। आवेदन में पता इस प्रकार दर्ज था- गाँव कोरुत, वार्ड संख्या 14, पोस्ट गुंजरचक, प्रखंड चंडी, अंचल चंडी, जिला नालंदा। लेकिन जब अंचल कार्यालय के कर्मचारियों ने आवेदन की जाँच की तो उनके होश उड़ गए। तस्वीर के स्थान पर एक चमचमाती कार की फोटो थी!

अंचलाधिकारी ने तुरंत इस मामले की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद चंडी थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज की गई। थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि हमें अंचल कार्यालय से इस अजीबोगरीब आवेदन की सूचना मिली थी। हमने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जाँच शुरू कर दी है।

हालांकि यह कोई पहली बार नहीं है जब बिहार के किसी अंचल कार्यालय में इस तरह की अटपटी घटना हुई हो। कुछ समय पहले पटना जिले के मसौढ़ी अंचल कार्यालय में डॉग बाबू  के नाम पर निवास प्रमाण पत्र जारी होने की खबर ने पूरे राज्य में तहलका मचा दिया था। उस घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती बरतने का दावा किया था, लेकिन चंडी की इस ताजा घटना ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या आरटीपीएस पोर्टल पर आवेदनों की जाँच की प्रक्रिया में कोई खामी है? या फिर यह किसी की शरारत है?

अंचल कार्यालय के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ऐसे आवेदन आमतौर पर साइबर कैफे से भरे जाते हैं। हो सकता है कि किसी ने गलती से या जानबूझकर कार की तस्वीर अपलोड कर दी हो। हमने तुरंत कार्रवाई की और पुलिस को सूचित किया।

बहरहाल इस मामले की जाँच अब चंडी पुलिस के हाथों में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह आवेदन किसने और क्यों दाखिल किया। क्या यह किसी की शरारत थी, या फिर सिस्टम की खामियों को उजागर करने की कोशिश? यह तो जाँच के बाद ही पता चलेगा।

यह मामला भले ही हास्यास्पद लगे, लेकिन आरटीपीएस जैसे डिजिटल पोर्टल्स को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसी गलतियाँ या शरारतें न हो सकें। साथ ही आम जनता को भी जागरूक होने की जरूरत है कि वे अपने दस्तावेजों के लिए विश्वसनीय स्रोतों का ही इस्तेमाल करें।

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