Digital Teaching Learning: सरकारी स्कूलों में स्मार्ट लाइव क्लास शुरू

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के शिक्षा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम (Digital Teaching Learning) उठाया गया है। जिले के उन सरकारी स्कूलों में जहां स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध है, अब बच्चे यूट्यूब लिंक के माध्यम से लाइव क्लास में भाग ले सकेंगे। यह अभिनव पहल जिलाधिकारी (डीएम) कुंदन कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई है।

आज 23 जून 2025 से नालंदा जिले के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में डिजिटल टीचिंग लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट क्लास में यूट्यूब के माध्यम से लाइव कक्षाओं का संचालन शुरू हो गया है।

शुरुआती चरण में पूर्णिया जिले में संचालित हो रही लाइव कक्षाओं को यूट्यूब लिंक के जरिए नालंदा के स्मार्ट क्लासरूम में प्रसारित किया जाएगा। इसके लिए दो सप्ताह का शेड्यूल तैयार किया गया है। जिसमें पूर्णिया के 43 अनुभवी शिक्षकों की टीम प्रतिदिन विभिन्न विषयों के अलग-अलग अध्यायों को पढ़ाएगी।

डीएम कुंदन कुमार ने इस पहल की शुरुआत सबसे पहले बांका और फिर पूर्णिया में की थी। अब नालंदा में इसे लागू किया जा रहा है। डीएम का कहना है कि शिक्षा मेरी प्राथमिकता है। ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना इस पहल का एकमात्र उद्देश्य है।

नालंदा जिले में उन्नयन क्लास को और प्रभावी बनाने के लिए एक हाइटेक स्टूडियो स्थापित करने की योजना है। इस स्टूडियो में शिक्षक कैमरे के सामने खड़े होकर दूर बैठे छात्रों को स्मार्ट टीवी या मोबाइल के माध्यम से पाठ्यक्रम और विषयों की जानकारी देंगे। अनुभवी शिक्षकों की टीम सभी विषयों को लाइव पढ़ाएगी और पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (पीपीटी) के जरिए बड़े स्क्रीन पर बच्चों के संदेह दूर किए जाएंगे।

डीएम ने कहा कि हमारे ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में एक से बढ़कर एक काबिल शिक्षक हैं। सरकारी स्कूलों और शिक्षकों के प्रति लोगों की सोच को बदलने की जरूरत है। कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों को भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाएगा।

इस पहल के तहत बच्चों की पढ़ाई को हाइटेक बनाया जाएगा। स्मार्ट क्लास में लाइव कक्षाओं के संचालन के लिए नोडल शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन छात्रों की उपस्थिति का विवरण गूगल ड्राइव पर साझा करें। साथ ही लाइव कक्षाओं के संचालन की तस्वीरें उन्नयन नालंदा के व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा की जाएंगी।

बहरहाल, यह पहल न केवल नालंदा जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के उन बच्चों को भी मुख्यधारा से जोड़ेगी, जो संसाधनों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। डीएम कुंदन कुमार का यह प्रयास नालंदा को शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मुकाम दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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