इस घटना ने न केवल शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विद्यालय सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर भी गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं…
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद बिहारशरीफ सदर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरावां से महावीर जयंती के दिन का सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में विद्यालय परिसर के बरामदे में चार से पांच युवक खुलेआम शराब और सिगरेट का सेवन करते दिखाई दे रहे हैं।
महावीर जयंती के दिन की घटना ने बढ़ाई संवेदनशीलताः बताया जा रहा है कि यह वीडियो महावीर जयंती के दिन का है। एक ओर क्षेत्र में लोग धार्मिक आस्था के साथ पूजा-अर्चना में व्यस्त थे, वहीं दूसरी ओर विद्यालय परिसर में कुछ युवक शराब पार्टी करते नजर आए।
इसी दिन स्थानीय शीतला माता मंदिर, मघड़ा में भगदड़ की दर्दनाक घटना में आठ श्रद्धालुओं की मौत ने पूरे जिले को शोक में डुबो दिया था। ऐसे समय में विद्यालय परिसर में इस तरह की गतिविधि ने लोगों को हैरान और आक्रोशित कर दिया है।
वीडियो में स्थानीय लोगों की पहचान का दावाः सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ स्थानीय युवकों के साथ विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव के पति अजीत कुमार के भी दिखाई देने की चर्चा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी। वीडियो में विद्यालय के बरामदे पर शराब की बोतलें और सिगरेट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं।
विद्यालय सुरक्षा व्यवस्था पर उठे प्रश्नः विद्यालय के प्रधानाध्यापक ब्रज बिहारी ने कहा कि विद्यालय की बाउंड्री दीवार कई स्थानों पर टूटी हुई है, जिसके कारण छुट्टी के बाद असामाजिक तत्व आसानी से परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय में पहले भी बाहरी लोगों के घुसने और संसाधनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रही है।
उनके अनुसार, विद्यालय में चोरी और तोड़फोड़ की आशंका लगातार बनी रहती है, जिससे बच्चों के शैक्षणिक माहौल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने क्या कहाः इस मामले पर जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने बताया कि विद्यालय की ओर से ई-शिक्षा पटल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। विभाग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा है कि विद्यालय की बाउंड्री दीवार जल्द बनवाई जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालय परिसर में शराब पार्टी का मामला पुलिस प्रशासन के अधिकार क्षेत्र का विषय है और इस पर संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां कार्रवाई करेंगी।
शराबबंदी कानून पर फिर उठे सवालः बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद समय-समय पर सामने आने वाली ऐसी घटनाएं कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रश्न खड़े करती रही हैं। विद्यालय जैसे संवेदनशील सार्वजनिक स्थल पर शराब सेवन की घटना ने प्रशासनिक निगरानी की कमजोरी को उजागर किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कानूनी प्रतिबंध पर्याप्त नहीं है। बल्कि स्थानीय निगरानी, सामाजिक जागरूकता और पुलिस की सक्रिय भूमिका भी उतनी ही आवश्यक है।
बहरहाल, विद्यालय शिक्षा और संस्कार का केंद्र होता है। ऐसे परिसर में शराब पार्टी जैसी घटना समाज के लिए चिंताजनक संकेत है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान कर क्या कार्रवाई की जाती है और विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को कितनी जल्दी मजबूत किया जाता है।
