नालंदा में बाढ़ का कहर: इन 4 नदियों की उफान ने मचाई तबाही

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। झारखंड में लगातार बारिश ने नालंदा जिले में भारी तबाही मचाई है। लोकाइन, पंचाने, जिरायन और सकरी नदियाँ उफान पर हैं। जिससे छह प्रखंडों के दर्जनों गाँव जलमग्न हो गए हैं। तटबंध टूटने, सड़कों के बहने और फसलों के नष्ट होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन की तैयारियाँ नाकाफी साबित हुई हैं और प्रभावित लोग राहत की प्रतीक्षा में हैं।

लोकाइन नदी के उफान ने सबसे अधिक कहर बरपाया है। मीना बाजार से मंडाच्छ जाने वाली मुख्य सड़क लाला बिगहा पुल के पास 50 फीट तक टूट गई है। इससे मंडाच्छ, घाना बिगहा, पुलपर, बरछी बिगहा, गजो बाग, टिकहिपर और मठपर जैसे गाँव प्रखंड मुख्यालय से पूरी तरह कट गए हैं। गाँव अब टापू बन गया है। न खाने को कुछ है, न कहीं जाने का रास्ता।

करायपरसुराय प्रखंड में सांध पंचायत के गुलरिया बिगहा गाँव के पास तटबंध 30 फीट तक टूट गया, जिससे गुलरिया बिगहा और रसलपुर के दर्जनों घरों में पानी घुस गया। फरकुसराय प्राथमिक विद्यालय भी जलमग्न हो गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है।

बिंद प्रखंड में जिरायन और कुम्हरी नदियों ने पाँच स्थानों पर तटबंध तोड़े हैं। बेनार-सकसोहरा मुख्य सड़क पर मोहद्दीपुर के पास दो फीट गहरा पानी बह रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही बंद है।

हिलसा प्रखंड के पश्चिमी इलाकों में लोकाइन नदी का पानी चिकसौरा बाजार तक पहुँच गया है। दुकानों और घरों में पानी घुसने से धुरी बिगहा, छीयासठ बिगहा, कुसेता, फुलवरिया और मुरलीगढ़ जैसे गाँवों में अफरा-तफरी मची है।

बाढ़ ने किसानों को सबसे अधिक प्रभावित किया है। हजारों एकड़ में लगी धान और मक्के की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। मवेशियों के लिए चारे का संकट भी गहरा गया है, क्योंकि चरागाह जलमग्न हैं।

इधर जिला प्रशासन ने बाढ़ की तैयारी के लिए आठ हजार बालू की बोरियाँ रखी थीं, लेकिन यह नाकाफी साबित हुई। अधिकारियों ने तटबंधों का दौरा किया है, लेकिन राहत कार्य अभी तक अपर्याप्त हैं।

बहरहाल पंचाने नदी का पानी रहुई प्रखंड में तेजी से बढ़ रहा है, जबकि जिरायन नदी का पानी धनायन नदी में मिल रहा है। इससे नए इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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