इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। सात फेरों के साथ जीवनभर साथ निभाने की कसमें खाने वाला पति ही पत्नी का हत्यारा निकला। नालंदा जिले के इस्लामपुर थाना क्षेत्र से सामने आए इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने अपने बहनोई के साथ मिलकर पत्नी की हत्या कर उसका शव गंगा नदी में फेंक दिया था।
मामले को लेकर जहानाबाद जिले के देवचंद बिगहा गांव निवासी योगेंद्र प्रसाद ने 13 मार्च को इस्लामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री कांती देवी की शादी वर्ष 2012 में इस्लामपुर थाना क्षेत्र के चुल्हन विगहा गांव निवासी अंटेश कुमार उर्फ अमतेश के साथ की थी। शादी के बाद उनकी एक बच्ची भी हुई।
हालांकि विवाह के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा कांती देवी को प्रताड़ित किया जाने लगा। इस दौरान कांती देवी ने अपने पति के खिलाफ प्रताड़ना का मामला भी दर्ज कराया था। बाद में सामाजिक समझौते के बाद करीब चार महीने पहले वह फिर से अपने ससुराल में रहने लगी थी।
कुछ दिनों बाद जब परिवार का कांती देवी से संपर्क नहीं हो पाया तो उसके पिता योगेंद्र प्रसाद चिंतित हो उठे। वे बेटी की तलाश में उसके ससुराल चुल्हन बिगहा पहुंचे, लेकिन वहां कांती देवी नहीं मिली। ससुरालवालों ने उन्हें बताया कि वह घर छोड़कर कहीं भाग गई है। परिजनों को इस बात पर संदेह हुआ और उन्होंने इस्लामपुर थाना में पति समेत ससुरालवालों के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया।
वैज्ञानिक जांच और पूछताछ में खुला हत्या का रहस्यः हिलसा डीएसपी-2 कुमार ऋषिराज ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक और पारंपरिक दोनों तरीके से जांच शुरू की। इसी दौरान आरोपी पति अंटेश कुमार को गिरफ्तार किया गया।
कड़ी पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी से परेशान था। इसी कारण उसने अपने बहनोई के साथ मिलकर फतुहा में पत्नी की हत्या कर दी और शव को गंगा नदी में फेंक दिया।
सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूतः आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने फतुहा के मस्तान घाट और आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में साफ दिखाई दिया कि कांती देवी अपने पति के साथ मस्तान घाट की ओर जाती हुई नजर आ रही है। इसके बाद से वह लापता हो गई थी।
इस महत्वपूर्ण साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
छापेमारी टीम में शामिल पुलिस अधिकारीः इस कार्रवाई में इस्लामपुर थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय, पुअनि रामकुमार पाल, रामानुज सिंह, सिपाही रंजन कुमार और पिंटू कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
सामाजिक दृष्टि से गंभीर सवालः यह घटना एक बार फिर वैवाहिक रिश्तों में बढ़ती हिंसा और पारिवारिक विवादों के खतरनाक रूप को उजागर करती है। समाजशास्त्रियों के अनुसार, घरेलू विवादों का समाधान संवाद और सामाजिक हस्तक्षेप से होना चाहिए, लेकिन जब रिश्तों में अविश्वास और हिंसा हावी हो जाती है तो उसका परिणाम अक्सर ऐसी दर्दनाक घटनाओं के रूप में सामने आता है।
बहरहाल पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। समाचार स्रोतः रामकुमार वर्मा/नालंदा दर्पण



