जान लें नई गाइडलाइन, अब कैसे बनेंगे जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नई गाइडलाइन जारी की है। अब आंगनबाड़ी सेविका या चौकीदार की सूचना के आधार पर प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे। जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता आएगी।

सरकार का यह कदम जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों की गुणवत्ता सुधारने और फर्जीवाड़ा रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। यदि आंगनबाड़ी सेविका या चौकीदार ससमय जानकारी उपलब्ध नहीं कराते हैं तो पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव इसकी जांच करेंगे। पंचायत सचिव द्वारा की गई जांच के आधार पर ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।

बिहार सरकार के अवर सचिव मनोज कुमार सिन्हा ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर इस नई व्यवस्था की जानकारी दी है। इस नई गाइडलाइन से नागरिकों को राहत मिलेगी। क्योंकि अब उन्हें प्रमाण पत्र बनवाने में अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य के सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों का हर महीने निरीक्षण किया जाएगा। यदि जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन में देरी होती है तो संबंधित संस्थानों पर पेनाल्टी लगाई जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने निरीक्षण और पर्यवेक्षण के लिए एक विशेष पोर्टल बनाने का निर्देश दिया है।

पंचायत स्तर पर नियुक्त पंचायत सचिवों को विलंबित रजिस्ट्रेशन से संबंधित आवेदनों की जांच करने और जांच रिपोर्ट रजिस्ट्रार को सौंपने का निर्देश दिया गया है। सरकार द्वारा जारी पत्र में कुल 12 महत्वपूर्ण बिंदुओं को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकना है।

सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि इस नई व्यवस्था से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाने की कोशिशों पर रोक लगेगी। आंगनबाड़ी सेविका और चौकीदार को अपने कार्यक्षेत्र में जन्म और मृत्यु की घटनाओं की सटीक जानकारी समय पर रजिस्ट्रार को देनी होगी। ताकि रिकॉर्ड को सही और अद्यतन रखा जा सके।

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