नालंदा दर्पण डेस्क। अचानक बदलते मौसम के साथ आए आंधी-बारिश के बीच दीपनगर थाना क्षेत्र के सिपाह गांव में एक अजीब व खतरनाक घटना सामने आई। तेज हवाओं व गर्जना के बीच आसमानी बिजली (ठनका) गाँव के एक हरा ताड़ का पेड़ पर गिर गई। इसके प्रभाव से पेड़ में अचानक आग लग गई और वह धू-धू कर जलने लगा। घटना के समय आसपास लोग मौजूद थे और अचानक उभरती लपटें व तेज आवाज़ से भगदड़ मच गई, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है।
क्या हुआ पूरा घटनाक्रम? दीपनगर थाना अंतर्गत सिपाह गांव में स्थानीय निवासी सीताराम महतो की दुकान के पास लगे एक हरे तार-युक्त पेड़ पर आसमानी बिजली गिर गई। बिजली गिरते ही पेड़ अचानक आग पकड़ बैठा और धुएँ के साथ धू-धूकर जलने लगा। अचानक उत्पन्न हुआ यह दृश्य देख ग्रामीण भयभीत हो उठे और इधर-उधर भागने लगे। भगदड़ के दौरान गाँव के ही एक युवक शंकर चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनका इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में जारी है।
मौसम का बदलाव और खतरे: मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, दिन भर चली तेज आंधी-बारिश तथा अचानक बिजली गिरने की घटनाओं से इलाके में सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा है। इसी मौसम परिवर्तन का असर सिपाह गांव में तार के पेड़ पर बिजली गिरने की इस असामान्य घटना के रूप में सामने आया।
विशेषज्ञों की चेतावनी: मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्षा-पूर्व व तूफ़ानी हलचल के दौरान आसमानी बिजली गिरने की संभावना बढ़ जाती है, खासकर खुले या ऊँचे स्थानों पर लगे पेड़ों और तारयुक्त संरचनाओं के पास।
विशेषज्ञ बताते हैं कि पेड़ों के पास लगे विद्युत तारों तथा नमी वाली स्थितियों के कारण करंट का फैलना अधिक जोखिमपूर्ण होता है, जिससे आग भी लग सकती है। (सामान्य वैज्ञानिक जानकारी)।
क्या यह अकेली घटना है? ऐसे मौसम-जनित बिजली गिरने की घटनाएँ अक्सर आंधी-बारिश के मौसम में देखी जाती हैं। इससे पहले भी आसमानी बिजली के गिरने से पेड़ों या तारों में आग लगने के मामले अख़बारों में रिपोर्ट हुए हैं, जिससे इलाके में सुरक्षा व जागरूकता की आवश्यकता और बढ़ जाती है।
सावधानियां एवं सुझाव: तूफ़ानी मौसम में खुले स्थानों में न ठहरें। ऊँचे पेड़, लाकड़ियाँ एवं तारों से दूर रहें। बिजली गिरने की आशंका हो तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएँ। समय रहते सावधानी और सुरक्षा उपाय अपनाना ही एक मात्र उपाय है।



