Home एकंगरसराय गुजरात की रेत पर राष्ट्रीय घुड़दौड़ में दौड़ेगा ‘नालंदा सूरज’

गुजरात की रेत पर राष्ट्रीय घुड़दौड़ में दौड़ेगा ‘नालंदा सूरज’

'Nalanda Suraj' will race in the national horse race on the sands of Gujarat.

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार की धरती से निकला एक और नाम अब राष्ट्रीय फलक पर चमकने को तैयार है। हिलसा अनुमंडल अंतर्गत एकंगरसराय नगर पंचायत क्षेत्र के छोटकी धावा निवासी और पैक्स अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह का घोड़ा ‘नालंदा सूरज’ 18 जनवरी को गुजरात के कच्छ जिले में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय घुड़दौड़ प्रतियोगिता में अपनी रफ्तार का दम दिखाएगा। यह प्रतियोगिता कच्छ के प्रसिद्ध बेकरी रण मैदान में आयोजित हो रही है, जहां देशभर के नामी घोड़े और सवार हिस्सा ले रहे हैं।

घुड़सवारी के प्रति अरुण कुमार सिंह का समर्पण किसी परिचय का मोहताज नहीं है। युवावस्था में स्वयं कई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके अरुण सिंह आज भले ही मैदान में कम उतरते हों, लेकिन घोड़ों के प्रशिक्षण, देखरेख और प्रतियोगिताओं में सहभागिता को लेकर उनका जुनून आज भी उतना ही जीवंत है। इसी जुनून के कारण उन्होंने लाखों रुपये खर्च कर अपने घोड़े को देश के दूसरे छोर तक भेजने का निर्णय लिया है।

वर्तमान में ‘नालंदा सूरज’ को प्रशिक्षित सवार हंसराज संभाल रहे हैं। बीते कुछ महीनों में इस घोड़े ने अपने शानदार प्रदर्शन से आयोजकों और दर्शकों का ध्यान खींचा है। फैजाबाद और इंग्लिश पहाड़पुर में प्रथम स्थान प्राप्त करने के साथ-साथ करिस्था, मोकामा और डुमरी जैसी प्रतिष्ठित दौड़ों में द्वितीय स्थान हासिल कर ‘नालंदा सूरज’ ने अपनी क्षमता और निरंतरता साबित की है।

अरुण कुमार सिंह का मानना है कि घुड़दौड़ केवल एक खेल नहीं, बल्कि परंपरा, अनुशासन और सम्मान का प्रतीक है। यही कारण है कि वे लाभ-हानि की परवाह किए बिना अपने घोड़े को देशभर की प्रतियोगिताओं में उतारते हैं। इस बार भी वे स्वयं अपने सहयोगियों के साथ कार से गुजरात रवाना हुए हैं, जबकि घोड़े को विशेष ट्रक के माध्यम से सुरक्षित रूप से वहां पहुंचाया गया है।

अरुण सिंह के मार्गदर्शन में तेल्हाड़ा क्षेत्र में भी घुड़दौड़ की परंपरा वर्षों से जीवंत बनी हुई है। पूर्व विधायक बैजू यादव की अगुवाई में आयोजित होने वाली वार्षिक घुड़दौड़ प्रतियोगिताओं में अरुण सिंह की सक्रिय भूमिका रही है। आयोजन से लेकर घोड़ों की तैयारी और युवाओं को प्रशिक्षण देने तक, वे हर स्तर पर योगदान देते आए हैं।

अब पूरे क्षेत्र की निगाहें गुजरात के रण मैदान पर टिकी हैं। एकंगरसराय से लेकर नालंदा और पूरे बिहार को उम्मीद है कि ‘नालंदा सूरज’ अपनी जीत की रफ्तार बरकरार रखेगा और राष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर बिहार का नाम रोशन करेगा।

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