अब राजगीर पांडू पोखर शुरू होगा बिहार का पहला वाटर लेजर शो

राजगीर (नालंदा दर्पण / नीरज)। नालंदा की ऐतिहासिक धरती राजगीर एक बार फिर पर्यटन के मानचित्र पर नई चमक बिखेरने को तैयार है। पांडू पोखर परिसर में बिहार का पहला अत्याधुनिक वाटर लेजर लाइट एंड साउंड शो आगामी मार्च माह से शुरू होने जा रहा है। जैसे ही यह शो शुरू होगा, पांडू पोखर न सिर्फ राजगीर बल्कि पूरे बिहार का सबसे आकर्षक पर्यटन केंद्र बन जाएगा।
पर्यटन विभाग की महत्वाकांक्षी योजना के तहत पांडू पोखर परिसर का सौंदर्यीकरण और आधुनिकीकरण तेज़ी से किया जा रहा है। बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के अधिकारी लगातार स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि परियोजना समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी हो सके।
पानी पर उभरेगी इतिहास की जीवंत तस्वीरः यह वाटर लेजर शो पांडू पोखर के जल क्षेत्र में प्रतिदिन आयोजित किया जाएगा। शो के दौरान पानी की ऊँची धाराओं पर रंग-बिरंगी रोशनी, लेजर किरणें और प्रभावशाली साउंड इफेक्ट्स के जरिए राजगीर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पौराणिक गाथाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
खास बात यह है कि वाटर स्क्रीन तकनीक के माध्यम से भगवान बुद्ध, भगवान महावीर और राजगीर के गौरवशाली अतीत से जुड़ी कथाएं दर्शकों के सामने सजीव होंगी। रोशनी और पानी का यह संगम दर्शकों को इतिहास की यात्रा पर ले जाएगा।
म्यूजिकल फाउंटेन बनेगा आकर्षण का केंद्रः शो को और भव्य बनाने के लिए पांडू पोखर में अत्याधुनिक म्यूजिकल फाउंटेन भी लगाया जा रहा है। इसमें रेनबो शूटर जेट, हाई जेट, डांसिंग फाउंटेन, डायमंड जेट, सनबर्स्ट और वाटर स्क्रीन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल होगा। संगीत की लय पर थिरकती पानी की धाराएं दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगी।
पर्यटन को मिलेगा नया आयामः पांडू पोखर पार्क के प्रबंधक प्रभाष शाह ने बताया कि परियोजना अब अंतिम चरण में है और मार्च से नियमित रूप से शो शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से राजगीर में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
राजगीर बनेगा नाइट टूरिज्म का हबः वाटर लेजर शो के शुरू होने के बाद राजगीर में नाइट टूरिज्म को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। शाम ढलते ही पांडू पोखर रोशनी, संगीत और इतिहास की कहानियों से गुलजार होगा।
कुल मिलाकर पांडू पोखर का यह नया अवतार राजगीर को पर्यटन की नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाला साबित होगा, जहां इतिहास, आस्था और आधुनिक तकनीक एक साथ नज़र आएंगे।





