अब बिहारशरीफ से रांची-बोकारो की राह हुआ आसान, सस्ता बस सेवा शुरु
फिलहाल बिहारशरीफ डिपो से पटना के लिए 40 से अधिक सरकारी बसें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा जमुई, बाढ़, मुंगेर, नवादा और अन्य जिलों के लिए भी बस सेवाएं उपलब्ध हैं। अब रांची और बोकारो रूट के जुड़ने से इस नेटवर्क का और विस्तार होगा।

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार-झारखंड के यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वर्षों से चली आ रही मांग और प्रतीक्षा के बाद अब बिहारशरीफ से झारखंड के रांची और बोकारो के लिए सरकारी बस सेवा शुरू होने जा रही है। यह नई पहल दोनों राज्यों के बीच परिवहन व्यवस्था को मजबूती देगी और यात्रियों को बेहतर, सुलभ तथा किफायती सफर का विकल्प उपलब्ध कराएगी।
झारखंड के गठन के बाद से बिहारशरीफ से रांची और बोकारो के लिए सरकारी बस सेवा लगभग ठप हो गई थी। इस वजह से नालंदा और आस-पास के जिलों के यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जो महंगा और असुविधाजनक था। अब बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने इस लंबे अंतराल को खत्म करते हुए बिहारशरीफ डिपो से चार नई बसें आवंटित की हैं।
डिपो प्रबंधक राज प्रकाश सिंह ने बताया कि इन चार बसों में दो डीलक्स और दो सामान्य बसें शामिल हैं। रांची और बोकारो के लिए दो-दो बसें चलाई जाएंगी। ये बसें विशेष सुविधाओं से लैस होंगी, जिनमें प्रत्येक सीट पर मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट भी उपलब्ध होगा, जिससे यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।
बस सेवा के समय और किराया इस प्रकार है- बोकारो के लिए बस शाम 7 बजे प्रस्थान, किराया 370 रुपये। रांची के लिए बस शाम 8 बजे प्रस्थान, किराया 348 रुपये।
फिलहाल बिहारशरीफ डिपो से पटना के लिए 40 से अधिक सरकारी बसें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा जमुई, बाढ़, मुंगेर, नवादा और अन्य जिलों के लिए भी बस सेवाएं उपलब्ध हैं। अब रांची और बोकारो रूट के जुड़ने से इस नेटवर्क का और विस्तार होगा।
यात्रियों का कहना है कि यह निर्णय न केवल आरामदायक यात्रा को संभव बनाएगा, बल्कि आम लोगों की जेब पर भी कम बोझ डालेगा। साथ ही उन्होंने सरकार से इस रूट पर भविष्य में एसी बसों के संचालन की भी मांग की है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा और अधिक आरामदायक हो सके।
हालांकि यात्रियों ने डिपो की मौजूदा हालत पर चिंता भी जताई है। पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय, यात्री शेड और बैठने की उचित व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार की सख्त जरूरत है। अभी यात्रियों को खुले आसमान के नीचे गर्मी, बारिश या ठंड में बसों का इंतजार करना पड़ता है, जो असुविधाजनक और अस्वास्थ्यकर है।










