शिक्षक स्थानांतरण में असंतोष का विकल्प ऑनलाइन शिकायत

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार शिक्षा विभाग में हालिया शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया ने कई शिक्षकों के बीच असंतोष पैदा किया है। विशेष आधार पर किए गए तबादलों में कुछ शिक्षकों का स्थानांतरण उनके द्वारा सुझाए गए 10 विकल्पों से इतर किसी अन्य स्थान पर किया गया है।

ऐसे शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने राहत का रास्ता खोलते हुए इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा प्रदान की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन शिकायतों को निपटाने के लिए जिला स्थापना समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, जो मामले की गहन जांच कर उचित निर्णय लेगी।

शिक्षा विभाग ने जानकारी दी है कि दूरी के आधार पर पुरुष शिक्षकों के अंतर-जिला स्थानांतरण अभी तक लंबित हैं। इन स्थानांतरणों को अंतिम रूप देने से पहले विभाग कई कारकों का विश्लेषण करेगा। जिसमें विद्यालयों में रिक्तियां, जिलावार विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात और संबंधित विद्यालय में प्रतिस्थानीय शिक्षक की उपलब्धता शामिल हैं।

दूसरी ओर शिक्षिकाओं के लिए दूरी आधारित अंतर-जिला स्थानांतरण के तहत प्राप्त आवेदनों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है और उन्हें विद्यालय आवंटित कर दिए गए हैं।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के पारस्परिक स्थानांतरण का विकल्प केवल एक सुविधा है, और यह अनिवार्य नहीं है। इस प्रक्रिया में शिक्षकों को अपनी पसंद के आधार पर स्थानांतरण का अनुरोध करने का मौका दिया जाता है, लेकिन अंतिम निर्णय विभाग के नियमों और आवश्यकताओं पर निर्भर करता है।

टीआरई-1 और टीआरई-2: 43,656 शिक्षकों ने नहीं दिया योगदानः बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के माध्यम से टीआरई-1 और टीआरई-2 के तहत कुल 2,16,732 विद्यालय अध्यापकों की भर्ती की गई थी। इन शिक्षकों को नवंबर 2023 और जनवरी 2024 में रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के जरिए विद्यालय आवंटित किए गए थे।

हालांकि शिक्षा विभाग के एक आधिकारिक पत्र के अनुसार, इनमें से केवल 1,73,076 शिक्षकों ने ही अपने आवंटित विद्यालयों में योगदान दिया है। इसका मतलब है कि 43,656 शिक्षक अभी तक अपने आवंटित स्थानों पर कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके हैं।

इसके पीछे का प्रमुख कारण शिक्षकों को उनकी पसंद के अनुरूप जिला या विद्यालय का आवंटन न होना बताया जा रहा है। कई शिक्षकों ने इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की कमी का आरोप लगाया है, जिसके चलते वे असंतुष्ट हैं।

शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि जो शिक्षक अपने स्थानांतरण से असंतुष्ट हैं, वे इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। विभाग ने आश्वासन दिया है कि सभी शिकायतों की जांच जिला स्थापना समिति द्वारा की जाएगी, और उचित समाधान निकाला जाएगा।

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