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Frauding: नासिक नोट प्रेस में धराए सभी 7 फर्जी कर्मी नालंदा के, FIR दर्ज

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। महाराष्ट्र के नासिक स्थित चलार्थ पत्र मुद्रणालय (सीएनपी) में एक सनसनीखेज फर्जीवाड़ा (Frauding) का खुलासा हुआ है। सात कर्मचारियों पर 2022 में आयोजित भर्ती परीक्षा के दौरान फर्जी उम्मीदवारों का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में नासिक के पवई पुलिस थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। सभी सातों आरोपी बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं।

नासिक के चलार्थ पत्र मुद्रणालय, जो भारतीय रिजर्व बैंक के लिए नोट छापने का महत्वपूर्ण कार्य करता है, वहां 2022 में विभिन्न पदों पर 149 रिक्तियों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में शामिल होने वाले कुछ उम्मीदवारों के दस्तावेजों में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने जांच शुरू की।

जांच में पता चला कि सात उम्मीदवारों ने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र और पहचान पत्रों का उपयोग कर परीक्षा में हिस्सा लिया था। इन फर्जी उम्मीदवारों की मदद से ये कर्मचारी नोट प्रेस में नौकरी हासिल करने में सफल रहे थे।

पुलिस ने सात आरोपियों की पहचान कर ली है। जिनमें रविरंजन कुमार, संदीप कुमार , शिशुपाल कुमार, आयुष राज, राजीव सिंह, संदीप कुमार (दूसरा व्यक्ति), आशुतोष कुमार शामिल हैं।

ये सभी नालंदा जिले के निवासी हैं। इनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के तहत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

बताया जाता है कि सतर्कता विभाग की गहन जांच के दौरान कर्मचारियों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। इस प्रक्रिया में कई प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।

इसके बाद भर्ती प्रक्रिया की गहन छानबीन की गई, जिसमें पाया गया कि इन सात व्यक्तियों ने परीक्षा में फर्जी उम्मीदवारों (प्रॉक्सी) का इस्तेमाल किया था। ये फर्जी उम्मीदवार मूल अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में बैठे थे, जिससे ये लोग भर्ती प्रक्रिया में सफल हो सके।

इस मामले की शुरुआती शिकायत नासिक के उपनगर पुलिस थाने में दर्ज की गई थी। बाद में चूंकि भर्ती परीक्षा पवई क्षेत्र के एक केंद्र में आयोजित हुई थी, इसलिए मामला पवई पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में फर्जी प्रमाण पत्रों के स्रोत और इस पूरे फर्जीवाड़े के पीछे की साजिश का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस रैकेट में और लोग शामिल हैं या यह कोई बड़ा नेटवर्क है।

चलार्थ पत्र मुद्रणालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमारी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है। इस तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए हम सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त करेंगे। इस मामले में सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने सभी सात आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। पवई पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह की धांधलेबाजी को रोका जा सके।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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