राजगीर थाना में पुलिस ASI ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली, मौत

राजगीर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के राजगीर थाना परिसर में मंगलवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया। डायल 112 में तैनात एक पुलिस सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इस घटना के पीछे पारिवारिक तनाव को संभावित कारण बताया है, हालांकि विस्तृत जांच अभी जारी है।

मंगलवार की सुबह करीब 7 बजे राजगीर थाना परिसर में स्थित पुलिस बैरक में यह दुखद घटना घटी। मृतक की पहचान एएसआई सुमन तिर्की (बैज नंबर 42) के रूप में हुई है, जो झारखंड के गुमला जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के ग्राम बिहार बरतोली के निवासी थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार सुबह के समय तिर्की ने अपनी सर्विस पिस्टल से स्वयं को गोली मार ली, जिसके बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुमन तिर्की पिछले एक वर्ष से राजगीर में डायल 112 सेवा में तैनात थे।

राजगीर के डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि थानाध्यक्ष राजगीर से सुबह सूचना मिलने के बाद वे स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया, जिसने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए।

डीएसपी सिंह ने कहा कि प्रथम दृष्टया जांच में यह प्रतीत होता है कि पारिवारिक तनाव के कारण एएसआई तिर्की ने यह चरम कदम उठाया। हालांकि, सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और अंतिम निष्कर्ष पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर ही निकाला जाएगा।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मृतक के शव को तुरंत पोस्टमॉर्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत के सटीक कारणों और समय की पुष्टि होने की उम्मीद है। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से सर्विस पिस्टल, गोली के खोल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।

पुलिस ने मृतक के परिवार को इस दुखद घटना की सूचना दे दी है और उनके परिजनों के राजगीर पहुंचने की प्रतीक्षा की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है और किसी भी तरह की जल्दबाजी में निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।

हालांकि प्रारंभिक जांच में पारिवारिक तनाव को इस आत्महत्या का प्रमुख कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार सुमन तिर्की के सहकर्मियों और अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह समझा जा सके कि क्या उनके कार्यस्थल पर कोई तनाव या अन्य परिस्थितियां थीं, जो इस घटना को प्रभावित कर सकती थीं।

बहरहाल इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर तनाव के मुद्दों को सामने ला दिया है। पुलिसकर्मी अक्सर लंबे समय तक ड्यूटी, सामाजिक दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने में कठिनाइयों का सामना करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग को अपने कर्मियों के लिए नियमित काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता कार्यक्रम शुरू करने चाहिए ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

पुलिस ने इस मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक के परिवार के बयानों और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच को और गहराई दी जाएगी। राजगीर पुलिस इस मामले को संवेदनशीलता के साथ संभाल रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि सभी तथ्य सामने आएं।

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