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इस्लामपुर के सद्दाम ने आईएएस, जज, डॉक्टर तक से ठगे 20 करोड़

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के गयाजी में हज और उमरा यात्रा के नाम पर इस्लामपुर के एक शातिर द्वारा एक सनसनीखेज ठगी किए जाने का मामला सामने आया है, जिसमें करीब 20 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। इस ठगी का शिकार न केवल आम श्रद्धालु बने, बल्कि आईएएस अधिकारी, जज और डॉक्टर जैसे प्रतिष्ठित लोग भी इस जाल में फंस गए। ठगी का यह कारनामा इस्लामपुर निवासी सद्दाम ने अंजाम दिया, जो रकम लेकर अब फरार है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है, लेकिन सद्दाम का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है।

सद्दाम ने शहर के एपी कॉलोनी गौरी रोड में वीसी आवास मोड़ के समीप एसके इंटरनेशनल सर्विसेज के तहत अलिजा टूर एंड ट्रैवेल्स नामक एक ट्रैवेल एजेंसी खोली थी। इस एजेंसी ने किफायती दरों पर हज और उमरा यात्रा कराने का लुभावना वादा किया। आकर्षक ऑफर और सस्ते पैकेज के प्रलोभन में न केवल आम लोग, बल्कि समाज के उच्च वर्ग के लोग भी फंस गए।

सद्दाम ने अपनी एजेंसी के जरिए विश्वास जीतने के लिए शुरुआत में कुछ यात्राओं का आयोजन भी किया, जिससे उसकी साख बढ़ी। लेकिन बाद में उसने इस भरोसे का फायदा उठाकर करीब 20 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया।

सद्दाम ने अपनी एजेंसी के माध्यम से हज और उमरा यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूली। उसने यात्रा के लिए कम कीमत और विशेष सुविधाओं का वादा किया, जिसने लोगों को आकर्षित किया।

बताया जाता है कि उसने फर्जी दस्तावेज और बुकिंग पेपर दिखाकर लोगों का भरोसा जीता। कई लोगों ने लाखों रुपये की रकम एडवांस में जमा कर दी। लेकिन जब यात्रा की तारीख नजदीक आई, तो न तो यात्रा का कोई इंतजाम था और न ही सद्दाम का कोई अता-पता।

इस ठगी का खुलासा तब हुआ, जब कई पीड़ितों ने रामपुर थाने में शिकायत दर्ज की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पाया कि सद्दाम ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये ठगे हैं। वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जांच को और गहरा किया गया, जिसमें ठगी के आरोप सही पाए गए।

पुलिस ने सद्दाम की गिरफ्तारी के लिए आदेश जारी किए और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की, लेकिन वह अब तक फरार है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सद्दाम के ठिकाने का पता लगाने के लिए खुफिया जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने की उम्मीद है।

इस ठगी के मामले ने इसलिए भी सुर्खियां बटोरी हैं, क्योंकि पीड़ितों में न केवल आम श्रद्धालु, बल्कि आईएएस अधिकारी, जज और डॉक्टर जैसे लोग भी शामिल हैं। इन लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई और विश्वास के साथ सद्दाम की एजेंसी में निवेश किया था, लेकिन अब वे ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। कई पीड़ितों ने बताया कि सद्दाम ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि उनकी यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और किफायती होगी।

बहरहाल यह मामला न केवल एक बड़ी ठगी की घटना है, बल्कि यह समाज के लिए एक चेतावनी भी है। धार्मिक यात्राओं जैसे संवेदनशील मुद्दों का इस्तेमाल कर ठग आसानी से लोगों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी ट्रैवेल एजेंसी पर भरोसा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता की पूरी जांच करें। साथ ही हज और उमरा जैसी यात्राओं के लिए केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसियों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सद्दाम की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं, जो उसके संभावित ठिकानों पर नजर रख रही हैं। साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास सद्दाम के बारे में कोई जानकारी है तो वे तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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