पुलिस ने सिथौरा हत्याकांड को लेकर मीडिया की खबरों को बताया भ्रामक, दी चेतावनी

राजगीर (नालंदा दर्पण)। नालंदा पुलिस ने राजगीर थानांतर्गत ग्राम सिथौरा में दिनांक 16 अप्रैल 2025 को हुई एक दुखद हत्या की घटना के संबंध में सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी साझा की है। इस मामले में पुलिस ने गहन अनुसंधान के बाद तथ्यों को स्पष्ट किया है और भ्रामक खबरों का खंडन किया है।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दिनांक 16 अप्रैल 2025 को रात करीब 23:30 बजे ग्राम सिथौरा निवासी रामानंद सिंह के पुत्र रॉकी कुमार के फलदान कार्यक्रम में एक दुखद घटना घटी। इस कार्यक्रम में सुखदेव ठाकुर (उम्र 70 वर्ष, पिता विसु ठाकुर, निवासी कृपा बिगहा, थाना राजगीर, जिला नालंदा) अपने जजमान के घर फलदान कार्यक्रम संपन्न कराने गए थे। कार्यक्रम रामानंद सिंह के घर के बाहर चल रहा था। तभी अचानक गोली लगने से सुखदेव ठाकुर की मृत्यु हो गई।

सूचना मिलने पर राजगीर थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मृतक के पुत्रों प्रमोद शर्मा और अनिल ठाकुर से पूछताछ की। पुत्रों ने प्रारंभिक तौर पर बताया कि उनके पिता की मृत्यु छत से गिरने के कारण हुई। हालांकि मृतक के शरीर पर गोली का जख्म देखकर पुलिस ने तुरंत शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बिहारशरीफ भेज दिया।

राजगीर थानाध्यक्ष ने अपने बयान के आधार पर दिनांक 17 अप्रैल 2025 को राजगीर थाना कांड संख्या 200/25 दर्ज किया। जिसमें धारा 103(1) BNS और 27 ARMS ACT के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने फलदान कार्यक्रम का वीडियो फुटेज प्राप्त किया और उसका गहन विश्लेषण किया।

वीडियो फुटेज से पता चला कि कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति दोनाली बंदूक से हर्ष फायरिंग कर रहा था। फायरिंग के दौरान उसने बंदूक को नीचे की ओर किया और गोली भरने की कोशिश की। तभी अचानक बंदूक से गोली चल गई। गोली का छर्रा सामने बैठे सुखदेव ठाकुर के शरीर में जा लगा। घायल सुखदेव ठाकुर को तुरंत रुबन हॉस्पिटल राजगीर ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें रेफर कर दिया। इलाज के दौरान जीवन ज्योति हॉस्पिटल बिहारशरीफ में सुखदेव ठाकुर की मृत्यु हो गई।

पुलिस ने वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हर्ष फायरिंग करने वाले व्यक्ति की पहचान की। आरोपी का नाम गणेश यादव (पिता बालक यादव, निवासी रेउला, थाना अतरी, जिला गया; वर्तमान पता: चेतनालय, थाना राजगीर, जिला नालंदा) है। गणेश यादव भारतीय सेना से रिटायर्ड कर्मी है और वर्तमान में आयुध फैक्ट्री राजगीर में गनमैन के रूप में अनुबंध पर कार्यरत है।

गणेश यादव की गिरफ्तारी के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजगीर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है। यह टीम संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। नालंदा पुलिस ने इस मामले में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

नालंदा पुलिस ने कुछ मीडिया कर्मियों द्वारा इस घटना के संबंध में फैलाई जा रही भ्रामक खबरों पर कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह हत्या सुनियोजित नहीं थी, बल्कि हर्ष फायरिंग के दौरान हुई एक दुर्घटना थी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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