Police Crime: ASI ने बिना कसूर थाना लाकर ढाया कहर, SHO ने 10 हजार लेकर छोड़ा

इस क्रूर घटना के सामने आने के बाद इलाके में पुलिस के खिलाफ (Police Crime) रोष बढ़ गया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पुलिस का यह रवैया कब तक चलेगा? क्या गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को इसी तरह से पुलिसिया अत्याचार सहना पड़ेगा…?

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। इसलामपुर थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना (Police Crime) सामने आई है। जिसमें एक युवक ने बिना किसी कसूर के थाने में बंद कर बेरहमी से पिटाई करने और फिर 10 हजार रुपए लेकर रिहा करने का गंभीर आरोप थानाध्यक्ष पर लगाया है।

पीड़ित युवक 31 वर्षीय कोबिल गांव निवासी रंजय कुमार उर्फ पिंटू ने इसकी शिकायत एसपी से की और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटना के बाद युवक की शरीर पर पड़े जख्म उसके आरोपों की पुष्टि कर रहे हैं। कमर के नीचे का हिस्सा पूरी तरह काला पड़ चुका है। वहीं पैरों पर भी गहरे निशान देखे जा सकते हैं।

पीड़ित रंजय कुमार के अनुसार वह नगर परिषद के एक संवेदक की निगरानी में वाहनों से टैक्स वसूली का कार्य करता है। इसके बदले उसे प्रतिदिन की मजदूरी मिलती है। विगत एक फरवरी को वह इसलामपुर-राजगीर मार्ग के केवई मोड़ के पास टैक्स वसूल रहा था। तभी बाइक सवार दारोगा सुमन सौरभ वहां पहुंचे और बिना किसी कारण उसे अपने साथ थाने ले गए।

थाने पहुंचते ही उस पर थप्पड़ों की बारिश कर दी गई। जब उसने अपना कसूर पूछा तो कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद थानाध्यक्ष के आदेश पर उसे थाने के ऊपर के एक कमरे में ले जाया गया। जहां उसे लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। इस पिटाई में वह बुरी तरह घायल हो गया और बेहोश होने की कगार पर पहुंच गया।

पिटाई के दौरान उसने किसी तरह अपने संवेदक और गांव के जनप्रतिनिधियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। जब जनप्रतिनिधि थाने पहुंचे और युवक की रिहाई की मांग की तो थानेदार ने साफ इनकार कर दिया। उसे पूरी रात एक कमरे में भूखा-प्यासा बंद रखा गया।

अगले दिन 10 हजार रुपए लेकर उससे एक बांड लिखवाया गया और फिर रिहा कर दिया गया। जाते-जाते उसे धमकी दी गई कि अगर उसने पिटाई के बारे में किसी को बताया तो अंजाम बुरा होगा।

रिहाई के बाद घायल अवस्था में रंजय कुमार ने इसलामपुर अस्पताल में इलाज कराया। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब युवक को अस्पताल ले जाया गया तो उसके शरीर पर पड़े गहरे जख्म देखकर हर कोई सिहर उठा। खासतौर पर कमर के नीचे के हिस्से की हालत देखकर लोगों में आक्रोश फैल गया।

इस पूरे मामले को लेकर युवक ने एसपी से शिकायत की। इसके बाद उन्होंने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच की जिम्मेदारी डीएसपी को सौंप दी है। स्थानीय लोग दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ताकि आगे से इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

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