पुलिस ने 12 घंटे में सुलझाई गुत्थीः iPhone के लिए नाबालिग पुत्र ने अपना ही घर लूट लिया!

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। दीपनगर थाना अंतर्गत सर्वोदय नगर में एक अजीबोगरीब घटना ने पुलिस और स्थानीय लोगों को चौंका दिया है। स्कूल संचालक शिवशंकर पांडेय के 15 वर्षीय पुत्र ने आईफोन (iPhone)-15 खरीदने की चाहत में अपने ही घर में लूट की साजिश रच डाली। अपने दोस्तों के साथ मिलकर इस नाबालिग ने एक फर्जी लूटपाट का खेल खेला, लेकिन पुलिस की सूझबूझ और तत्परता से 12 घंटे के भीतर ही साजिश का पर्दाफाश हो गया और सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए।
बताया जाता है कि 22 अक्टूबर की शाम को शिवशंकर पांडेय ने दीपनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि जब उनका बेटा स्कूल से लौटकर घर आया तो घर का ताला टूटा हुआ पाया। चार नकाबपोश लुटेरों ने घर में घुसकर उसे बंधक बना लिया और अलमारी से 1 लाख 6 हजार रुपये नकद और आभूषण लूट ले गए। लुटेरों ने कटर से अलमारी का लॉकर तोड़ा था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आई। जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदेहास्पद बातें दिखाई दीं। खासकर अलमारी के लॉकर का काटा जाना। जब पिता और पुत्र के बयान मेल नहीं खा रहे थे तो पुलिस को शक हुआ कि इसमें घर के किसी सदस्य की मिलीभगत हो सकती है। जब पुलिस ने पुत्र से सख्ती से पूछताछ की तो सारा मामला खुल गया।
पुलिस पूछताछ में नाबालिग पुत्र ने कबूल किया कि उसने आईफोन-15 खरीदने की लालसा में यह लूट की योजना बनाई थी। उसने अपने दोस्तों को इस योजना में शामिल किया और नकली चाबियां बनवाकर अपने दोस्तों को घर बुलाया। फिर उन्होंने कटर मशीन से अलमारी का ताला तोड़ा और नकदी और आभूषण चुराए। खुद को बंधक बनाए जाने की कहानी उसने अपने पिता को गुमराह करने के लिए बनाई थी।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पुत्र और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लूट का सारा सामान भी बरामद कर लिया। जिसमें सोने-चांदी के आभूषण और नकदी शामिल थे। पुलिस के मुताबिक यह घटना आधुनिक गैजेट्स के प्रति नाबालिगों की बढ़ती ललक और उस पर माता-पिता द्वारा नियंत्रण न रख पाने का एक चिंताजनक उदाहरण है।
इस घटना के तहत पुलिस द्वारा 1 लाख 780 रुपये नगद, सोने की 4 चूड़ियां, 2 झुमके, 1 मांग टीका, 3 सिकड़ियां, 1 जोड़ी कान के टॉप्स, 1 अंगूठी और चांदी के अन्य आभूषण के साथ घटना में इस्तेमाल की गई कटर मशीन और 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
वेशक यह घटना समाज में तकनीकी उत्पादों के प्रति युवाओं की बढ़ती लालसा और उनके द्वारा अपनाए जाने वाले गलत रास्तों को उजागर करती है। पुलिस द्वारा समय पर कार्रवाई ने इस लूट की साजिश को विफल कर दिया और एक परिवार को बड़े नुकसान से बचा लिया।
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