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राजगीर-गिरियक मुख्य मार्ग पर बस में लगी आग, 40 छात्र-छात्राएं थे सवार

गिरियक (नालंदा दर्पण)। राजगीर-गिरियक मुख्य सड़क पर उस समय एक बड़ा हादसा टल गया, जब शैक्षणिक भ्रमण पर राजगीर आ रही स्कूली बस के इंजन में अचानक आग लग गई। घटना आयुध निर्माणी नालंदा के गेट संख्या-02 के समीप उजरपुर गांव के पास हुई, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र अंतर्गत मध्य विद्यालय गेरुआ के 40 छात्र-छात्राएं एवं शिक्षक मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण कार्यक्रम के तहत राजगीर भ्रमण पर आ रहे थे। इसके लिए एक निजी टूर एंड ट्रैवल एजेंसी से बस (बीआर 33पीए-3951) किराए पर ली गई थी। रास्ते में अचानक बस के इंजन से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते शॉर्ट सर्किट के कारण आग की लपटें निकलने लगीं।

स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बस चालक सुबोध कुमार ने तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोक दिया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। चालक की तत्परता और सूझबूझ के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग की लपटें देख छात्राओं में कुछ देर के लिए घबराहट की स्थिति बनी रही, लेकिन सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को बुलाया गया। दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय ग्रामीणों ने सराहनीय पहल करते हुए घरों से पानी लाकर आग बुझाने का प्रयास किया। पास की एक सर्फ फैक्ट्री में उपयोग होने वाले डोलोमाइट पाउडर और फायर एक्सटिंग्यूशर की मदद से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया।

आग बुझाने के दौरान कुछ समय के लिए राजगीर-गिरियक मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। आग से बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बाद में उसी एजेंसी की दूसरी बस मंगाकर छात्र-छात्राओं को सुरक्षित राजगीर परिभ्रमण के लिए भेजा गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि चालक की त्वरित कार्रवाई और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपात स्थिति में सतर्कता और सामूहिक प्रयास कितने महत्वपूर्ण होते हैं।  समाचार स्रोतः मीडिया रिपोर्टस्

मुकेश भारतीय

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।

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