इस बार रामनवमी पर ‘उड़ती आंखों’ की निगरानी में रहेगा नालंदा
Strict ban on DJ and unlicensed processions; security tightened with drones and CCTV across sensitive areas

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में इस वर्ष रामनवमी पर्व को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। संभावित संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार बिहारशरीफ शहर की निगरानी पारंपरिक पुलिस व्यवस्था के साथ-साथ आधुनिक तकनीक की उड़ती आंखों यानी ड्रोन कैमरों से की जाएगी। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए जुलूस मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

यह जानकारी उस समय सामने आई जब पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा ने शुक्रवार को नालंदा पुलिस लाइन का निरीक्षण किया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने पुलिस बैरक, पुलिस प्लाटून और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में पुलिस लाइन परिसर में कई व्यवस्थागत कमियां भी सामने आईं, जिन्हें शीघ्र दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
तकनीक आधारित निगरानी पर जोरः आईजी जितेंद्र राणा ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष रामनवमी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, जुलूस मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ अतिरिक्त कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं ड्रोन कैमरे हवा से निगरानी करेंगे, जिससे भीड़ की गतिविधियों और जुलूस की दिशा पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ड्रोन निगरानी का उद्देश्य भीड़ नियंत्रण, मार्ग प्रबंधन और किसी भी संभावित विवाद की स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप करना है। इससे पुलिस को वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी मिल सकेगी।
डीजे पर पूरी तरह रोकः प्रशासन ने इस बार रामनवमी जुलूस के दौरान डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आईजी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस के इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही डीजे संचालकों को भी चेतावनी दी गई है कि बिना वैध लाइसेंस के डीजे चलाने या उपलब्ध कराने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।
प्रशासन का मानना है कि तेज ध्वनि वाले डीजे अक्सर भीड़ के उग्र होने या विवाद की स्थिति पैदा करने में कारक बनते हैं, इसलिए शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
बिना लाइसेंस जुलूस की अनुमति नहीं: रामनवमी के अवसर पर निकलने वाले सभी जुलूसों के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। बिना लाइसेंस किसी भी जुलूस को शहर में प्रवेश या संचालित करने की अनुमति नहीं होगी। जुलूस मार्ग, समय और आयोजकों की जिम्मेदारी भी पहले से तय की जाएगी, ताकि सुरक्षा प्रबंधन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
संभावित उपद्रवियों पर नजरः पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि पूर्व में सांप्रदायिक गतिविधियों या विवादों में शामिल रहे लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है, ताकि पर्व के दौरान शांति भंग होने की आशंका को पहले ही खत्म किया जा सके।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जिले के संवेदनशील इलाकों की सूची तैयार की जा रही है और वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की योजना है। साथ ही स्थानीय थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की भी पहल की जा रही है।
शांति और सद्भाव का संदेशः प्रशासन ने आम लोगों और जुलूस आयोजकों से सहयोग की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रामनवमी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का पर्व है, जिसे शांति, अनुशासन और आपसी सद्भाव के साथ मनाना ही समाज और शहर के हित में है।
कुल मिलाकर इस बार बिहारशरीफ में रामनवमी का पर्व पारंपरिक धार्मिक उल्लास के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी निगरानी के साये में संपन्न होने जा रहा है, जहां जमीन पर पुलिस बल और आसमान में उड़ते ड्रोन मिलकर शहर की सुरक्षा की कमान संभालेंगे। समाचार स्रोतः मीडिया रिपोर्ट/नालंदा दर्पण





