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चंडी में 132/33 केवी ग्रिड निर्माण की समीक्षा बैठक, बोले DM- कार्य में तेजी लाएं 

Review meeting of 132/33 kV grid construction in Chandi, DM said- speed up the work
Review meeting of 132/33 kV grid construction in Chandi, DM said- speed up the work

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में बिजली आपूर्ति को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के इंजीनियरों और संवेदकों के साथ चंडी प्रखंड में निर्माणाधीन 132/33 केवी ग्रिड के संबंध में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ग्रिड निर्माण की प्रगति, भूमि अधिग्रहण और संचरण लाइन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

विद्युत अधीक्षण अभियंता और विद्युत कार्यपालक अभियंता ने बताया कि नालंदा जिले में यह आठवां ग्रिड चंडी प्रखंड के मौजा दयालपुर थाना-291 में बनाया जा रहा है। इसके लिए 4.68 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जिसमें 34.875 डिसमिल भूखंड का अधिग्रहण भू-अर्जन नियामावली 2019 के तहत किया जा रहा है।

जिला पदाधिकारी ने आश्वासन दिया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अगले दो से तीन दिनों में पूरी कर ली जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में और तेजी आएगी।

इस ग्रिड को ऊर्जान्वित करने के लिए 132 केवी चंडी ग्रिड से हरनौत ग्रिड और चंडी ग्रिड से अस्थावाँ ग्रिड तक संचरण लाइन का निर्माण भी किया जा रहा है। विद्युत कार्यपालक अभियंता ने बताया कि अब तक 187 लोकेशन में से 140 पर फाउंडेशन का कार्य और 110 लोकेशन पर इरेक्शन का कार्य पूरा हो चुका है। हालांकि कुछ स्थानों पर कार्य में बाधाएं आ रही हैं।

इस पर जिला पदाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी बिहारशरीफ और हिलसा को निर्देश दिया कि वे तत्काल इन बाधाओं को दूर करें, ताकि निर्माण कार्य निर्बाध रूप से चल सके।

विद्युत कार्यपालक अभियंता ने बताया कि संवेदक द्वारा ग्रिड निर्माण का कार्य धीमी गति से किया जा रहा है। इस पर जिला पदाधिकारी ने संवेदक को मानव संसाधन (Man Power) बढ़ाने और कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। यह सुनिश्चित करने के लिए कि परियोजना समय पर पूरी हो, सभी संबंधित पक्षों को समन्वय बनाए रखने को कहा गया।

इस ग्रिड के निर्माण से चंडी, नगरनौसा, थरथरी, हिलसा और नुरसराय जैसे क्षेत्रों में बिजली की विश्वसनीयता (Reliability) में उल्लेखनीय सुधार होगा। साथ ही लो वोल्टेज की समस्या का भी स्थायी समाधान होगा।

वर्तमान में चंडी और आसपास के क्षेत्रों को हरनौत (चेरन) ग्रिड और बड़ीपहाड़ी ग्रिड से बिजली आपूर्ति की जाती है। लंबी 33 केवी एचटी लाइन के कारण कभी-कभी लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। नया ग्रिड इस समस्या को प्रभावी ढंग से हल करेगा।

बैठक में विद्युत अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार अम्बष्ट, विद्युत कार्यपालक अभियंता शिशिर शंकर, सहायक कार्यपालक अभियंता राजेश कुमार और M/s Shyama Power India Ltd. के प्रोजेक्ट मैनेजर दीपक कुमार उपस्थित थे। सभी ने परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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