Home आवागमन दनियावां-बिहारशरीफ रेलखंड पर फाटक बंद करने पर हंगामा, बैरंग वापस लौटे अफसर

दनियावां-बिहारशरीफ रेलखंड पर फाटक बंद करने पर हंगामा, बैरंग वापस लौटे अफसर

Ruckus over closing of gate on Daniyawan-Biharsharif railway line, officers returned empty handed
Ruckus over closing of gate on Daniyawan-Biharsharif railway line, officers returned empty handed

हिलसा (नालंदा दर्पण)। दनियावां-बिहारशरीफ रेलखंड पर राजन बिगहा के पास रेलवे फाटक को बंद करने की रेलवे की कोशिश ग्रामीणों के कड़े विरोध के कारण नाकाम रही। रेलवे अधिकारियों को ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। जिसके बाद वे फाटक बंद किए बिना ही वापस लौट गए। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर रेलवे प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तनाव को उजागर कर दिया है।

रेलवे के अधिकारी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) के जवानों के साथ राजन बिगहा के पास बने रेलवे फाटक को बंद करने पहुंचे थे। जैसे ही इसकी खबर ग्रामीणों को मिली, वे एकजुट होकर फाटक के पास पहुंच गए और अधिकारियों को अपनी कार्रवाई रोकने के लिए मजबूर कर दिया। ग्रामीणों ने रेलवे फाटक को बंद करने को गलत ठहराया और इसे अपने दैनिक जीवन और कृषि कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला बताया।

विरोध की सूचना मिलते ही चंडी के प्रखंड विकास पदाधिकारी राजदेव कुमार रजक, ब्लॉक वेलफेयर ऑफिसर आशुतोष कुमार आर्य और पुलिस निरीक्षक सत्यम चंद्रवंशी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण अपने रुख पर अड़े रहे।

ग्रामीणों ने रेलवे द्वारा बनाए गए रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) को अव्यवहारिक बताया। उनका कहना था कि यह आरयूबी बड़े वाहनों, खासकर कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाले हार्वेस्टर जैसे उपकरणों के आवागमन के लिए उपयुक्त नहीं है। फाटक बंद होने से हार्वेस्टर को दनियावां से हिलसा वाया थरथरी या नूरसराय वाया थरथरी जैसे लंबे रास्तों से ले जाना पड़ेगा, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ेंगे।

इसके अलावा ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में आरयूबी पर दो फीट तक पानी जमा हो जाता है, जिससे राहगीरों, स्कूली छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों को भारी परेशानी होती है। चंडी-छबिलापुर मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन होता है और फाटक बंद होने से इस मार्ग पर यातायात प्रभावित होगा।

ग्रामीणों ने यह भी उल्लेख किया कि आरयूबी के उद्घाटन के समय स्थानीय सांसद ने आश्वासन दिया था कि किसानों के हित में राजन बिगहा रेलवे फाटक को बंद नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन पर इस वादे को तोड़ने का आरोप लगाया और अपनी मांग को लेकर मुखर रहे।

रेलवे अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हालांकि माना जा रहा है कि रेलवे फाटक को बंद करने का निर्णय सुरक्षा और रेल परिचालन की दक्षता बढ़ाने के लिए लिया गया था। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद यह निर्णय फिलहाल टल गया है।

वहीं स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि उनकी शिकायतों को रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इस बीच, राजन बिगहा के ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर एकजुट हैं और जरूरत पड़ने पर आगे भी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं।

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