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अभद्र आरोपों से घिरे जिला शिक्षा पदाधिकारी, कार्यालय में हंगामा, आंदोलन की चेतावनी

नालंदा शिक्षा पदाधिकारी पर कर्मचारियों का बड़ा आरोप
नालंदा शिक्षा पदाधिकारी पर कर्मचारियों का बड़ा आरोप, कार्यालय में तनाव फैलने के संकेत

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय गुरुवार को उस वक्त विवादों के केंद्र में आ गया, जब कार्यालय के दर्जनों कर्मचारियों ने डीईओ आनंद विजय पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया। आरोप है कि डीईओ द्वारा लगातार अभद्र भाषा, अपमानजनक व्यवहार और तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे कार्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नालंदा डीईओ कार्यालय में लगभग 75 कर्मचारी कार्यरत हैं। सभी कर्मचारियों ने एक स्वर में आरोप लगाया कि आनंद विजय के पदभार ग्रहण करने के बाद से कार्यालय में काम करना कठिन हो गया है।

कर्मचारियों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर डांट-फटकार, ऊंची आवाज में बात करना और अपशब्दों का प्रयोग अब आम बात हो गई है, जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है।

गुरुवार को स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब कथित तौर पर डीईओ और कुछ कर्मचारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत तक आ गई। हालांकि अन्य कर्मचारियों के हस्तक्षेप से मामला किसी तरह शांत कराया गया, लेकिन कार्यालय में लंबे समय तक तनाव का माहौल बना रहा।

कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें न तो सम्मानजनक व्यवहार मिलता है और न ही अपनी बात रखने का अवसर। इससे उनका मनोबल लगातार गिर रहा है।

कर्मचारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि डीईओ के व्यवहार में शीघ्र सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही पूरे मामले की लिखित शिकायत जिलाधिकारी से करने की तैयारी भी की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक शिक्षा विभाग से जुड़ी एक गोपनीय चिट्ठी के वायरल होने से डीईओ काफी नाराज थे। इसी को लेकर उन्होंने कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई, जिसके बाद विवाद ने तूल पकड़ लिया।

वहीं इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि कार्यालय में अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे, जिसे कुछ कर्मचारी गलत तरीके से पेश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया है।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर जारी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या जांच कार्रवाई की जाती है।

समाचार स्रोतः नालंदा दर्पण डेस्क के लिए बिहारशरीफ से तालिब की रिपोर्ट

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