Home खेती-बारी सरसों की आड़ में जहर की खेती! राजगीर में एक बीघा अफीम...

सरसों की आड़ में जहर की खेती! राजगीर में एक बीघा अफीम नष्ट, SDO-DSP की संयुक्त कार्रवाई

सरसों की फसल में छिपाकर की जा रही अवैध अफीम की खेती का बड़ा पर्दाफाश। पुलिस-प्रशासन ने अभियान चलाकर फसल नष्ट कर दी, आरोपी किसानों की खोज जारी

rajgir me afim ki kheti

राजगीर (नालंदा दर्पण)। सरसों की पीली चादर के बीच छिपाकर उगाई जा रही अवैध पोस्तादाना (अफीम) की खेती पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया। राजगीर थाना क्षेत्र के नाहुब गांव के चवर में गुप्त सूचना के आधार पर पहुंची टीम ने करीब एक बीघा भूमि और आसपास के छोटे-छोटे प्लॉटों में लगी अफीम की फसल को नियमों के तहत जब्त नमूना लेकर नष्ट कर दिया।

गुप्त सूचना से खुला राजः जानकारी के अनुसार राजगीर थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि नाहुब गांव के खेतों में सरसों की फसल के बीच पोस्ता की अवैध खेती की गई है। सूचना का सत्यापन करने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी सूर्य प्रकाश गुप्ता और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में अंचलाधिकारी अनुज कुमार, थानाध्यक्ष रमण कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे।

मौके पर क्या मिला? अधिकारियों ने जब चवर का निरीक्षण किया तो सरसों के पौधों के बीच पोस्ता के पौधे स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। जांच में पुष्टि हुई कि लगभग एक बीघा जमीन पर संगठित तरीके से अफीम की खेती की जा रही थी। इसके अतिरिक्त आसपास के कुछ छोटे प्लॉटों में भी पोस्ता लगाया गया था, जिससे यह संकेत मिलता है कि खेती योजनाबद्ध तरीके से की गई थी।

दंडाधिकारी की मौजूदगी में विधिवत कार्रवाईः अनुमंडल पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त करते हुए विधिवत जब्ती की प्रक्रिया पूरी कराई। जब्त प्रदर्श का नमूना सुरक्षित रखा गया और शेष फसल को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। पूरी कार्रवाई प्रशासनिक नियमों के अनुरूप की गई।

बर्दाश्त नहीं होगी अवैध खेतीः डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि मादक पदार्थों की अवैध खेती किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। अफीम की खेती में संलिप्त किसानों/व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्यों गंभीर है मामला? अफीम की अवैध खेती न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे युवाओं में नशे की प्रवृत्ति और संगठित अपराध को बढ़ावा मिलता है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई को इलाके में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते रोकथाम की जा सके।

समाचार स्रोत: मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्ट्स

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version