
हिलसा (नालंदा दर्पण)। इंदिरा आवास योजना में भ्रष्टाचार का आलम की कहानी कहती हिलसा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-10 का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसकी त्वरित सुध लेता किसी अधिकारी नहीं दिखना पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया है।
इस वीडियो में वार्ड पार्षद एक लाभुक से 30 हजार रुपए कमीशन राशि की मांग करता ही नहीं दिख रहा है, बल्कि वह अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गंभीर धमकी भी देता नजर आ रहा है। एक पार्षद अपने वार्ड का प्रतिनिधित्व करता है और नेतृत्व ही जब भ्रष्टाचार और गुंडई में डूब जाए तो फिर आसानी से समझ सकते हैं कि यहां किस तरह की सुशासन तंत्र हावी है।
समस्या तब और गंभीर हो जाती है, जब यह मामला किसी सुदूर गांव ईलाका का न होकर हिलसा जैसे नगर क्षेत्र का सामने आता है, जहां अनुमंडल स्तर तक के अधिकारी आराम फरमाते हों। यह मामला मीडिया की सुर्खियां बनकर लहरा रहा है, लेकिन अभी तक उस कथित भ्रष्ट पार्षद के खिलाफ कोई प्रशानिक कार्रवाई की सूचना नहीं है।
खबरों की मानें तो पीड़ित लाभुक ने बीते गुरुवार को ही सारे मामले की लिखित जानकारी हिलसा अनुमंडल पदाधिकारी को दे चुका है। वीडियो भी वायरल हो चुका है। फिर भी प्रशासन की कछुआ गति भी देखने को नहीं मिलना शर्मनाक ही कहा जाएगा।
खबर है कि पीड़ित लाभुक सुमन्ता देवी ने गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी हिलसा के कार्यालय में लिखित आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। लाभुक का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर निर्माण की स्वीकृति मिलने के उससे कथित तौर पर मोटी कमीशन राशि की मांग की गई। राशि नहीं देने पर वार्ड पार्षद द्वारा निर्माण स्थल पर पहुंचकर काम रुकवा दिया गया और खुलेआम धमकी दी गई। इस घटना से लाभुक और उसका परिवार दहशत में है।
लाभुक सुमन्ता देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति मिलने के बाद प्रथम किस्त की राशि खाते में आया उसके बाद घर का निर्माण कार्य करा रहे थे। बीते 29 दिसम्बर को घर का कार्य स्थल पर वार्ड पार्षद पहुंचे और योजना के एवज में 30 हजार रुपया कमीशन देने की बात कही।
उन्होंने आगे बताया कि जब देने में असमर्थता जताई तो पार्षद अभद्र व्यवहार करने के साथ निर्माण कार्य मे लगे लेबर मिस्त्री को भगा दिया और कहा कि जब तक पैसा नही मिलेगा, तब तक घर नहीं बनाना है। जहाँ जाकर शिकायत करना है करो, हमे कोई फर्क पड़ने बाला नहीं है।
इसके बाद गुरुवार एक जनवरी को भी कमीशन की राशि के लिए पार्षद तगादा करने के लिए घर पर पहुंच गया और कहा कि पैसे नहीं दोगे तो निर्माण स्थल पर बने मटेरियल को भी हटाओ। इसी दौरान किसी ने उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो में वार्ड पार्षद हिलसा नगर परिषद अध्यक्ष धनंजय कुमार का नाम लेते हुए भी चुनौती दे रहा है।
खबरों के मुताबिक जहां ऐसे गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई की जगह एसडीओ अमित कुमार पटेल ने पीड़िता को जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन देकर वापस कर दिया। जोकि प्रशासन की लच्चरता पर भी गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।





