राजगीर नौलखा जैन मंदिर में भीषण डाका, बदमाशों ने गार्ड को जख्मी कर डाला लाखों लूटा
नौलखा जैन मंदिर, जहां यह घटना हुई, वहां जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान श्री मुनिसुव्रत स्वामी जी की प्रतिमा स्थापित है। यह मंदिर जैन समाज की गहन आस्था का केंद्र है और हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक और श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। यह पहली बार है जब इस मंदिर में ऐसी अप्रिय और दर्दनाक घटना सामने आई है...
राजगीर (नालंदा दर्पण)। बीती रात राजगीर थाना क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक राजगीर नौलखा जैन मंदिर अपराधियों के निशाने पर आ गया। हथियार से लैस चार बदमाशों ने करीब रात एक बजे मंदिर परिसर में धावा बोलते हुए लाखों की लूट को अंजाम दिया। बदमाशों ने मंदिर के सुरक्षा गार्ड पर जानलेवा हमला करते हुए उसका अंगूठा तक काट डाला। लूटपाट के दौरान दान पेटियों को तोड़कर नगदी, सोना और बहुमूल्य रत्न लेकर फरार हो गए।

मंदिर के नाइट गार्ड सुदल राम को बदमाशों ने चाकू और हथियार के बट से बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल सुदल राम ने खिड़की से बचाओ-बचाओ चिल्ला कर अन्य कर्मियों को जगाया। सूचना मिलते ही अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घटना का खुलासा हुआ। गार्ड की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और फिर पटना रेफर कर दिया गया।
बदमाश तीन दानपेटियों को तोड़कर उनमें रखी नकदी, सोना और रत्न लूट ले गए। चौथी दान पेटी को वे तोड़ नहीं सके। घटना में अनुमानित 5 से 7 लाख रुपये की संपत्ति चोरी होने की आशंका जताई जा रही है। लुटेरे लूट का सामान बैग और बोरा में भरकर भाग निकले।
मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में दो लुटेरों की तस्वीरें कैद हो गई हैं। फुटेज के आधार पर पुलिस अपराधियों की पहचान में जुटी है। घटना के बाद डॉग स्क्वॉड और FSL टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत जुटाए।
राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह घंटे के भीतर लूट की घटना का खुलासा कर दिया है। इस दौरान लूटी गई राशि और घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार भी बरामद कर लिए गए हैं। फिलहाल पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
श्री जैन श्वेतांबर भंडार तीर्थ, राजगीर के व्यवस्थापक समिति के सदस्य कवींद्र कुमार कोठारी ने घटना को निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि पुलिस को जल्द से जल्द दोषियों को पकड़कर मंदिर की संपत्ति बरामद करनी चाहिए। पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
घायल गार्ड ने बयान में बताया कि उसका सहकर्मी दिलीप रात करीब 10 बजे चार युवकों को मंदिर लेकर आया था। कुछ देर बाद वह तो लौट गया, लेकिन चारों युवक मंदिर परिसर में ही छिपे रहे। रात करीब 2 बजे वे दोबारा लौटे और गेट खोलने को कहा। मना करने पर गार्ड के साथ मारपीट कर जबरन प्रवेश किया गया।
नौलखा जैन मंदिर, जहां यह घटना हुई, वहां जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर भगवान श्री मुनिसुव्रत स्वामी जी की प्रतिमा स्थापित है। यह मंदिर जैन समाज की गहन आस्था का केंद्र है और हर साल देश-विदेश से लाखों पर्यटक और श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। यह पहली बार है जब इस मंदिर में ऐसी अप्रिय और दर्दनाक घटना सामने आई है।
पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के बावजूद इस घटना ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर की निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। लोगों की मांग है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर 24×7 हाई सिक्योरिटी की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।





