बिहारशरीफ, राजगीर और हिलसा के DCLR को बैठक के 50 दिन बाद शोकॉज !
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए 72 अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई विभागीय समीक्षा बैठक में बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने के कारण की गई है। इस बैठक का आयोजन 7 और 8 मई को पटना के अधिवेशन भवन में किया गया था और विभाग के सभी कामकाजों की गहन समीक्षा की गई थी।
बैठक की अध्यक्षता राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने की थी और उसमें अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह सहित विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
उस समीक्षा बैठक में कुल 72 अधिकारियों की अनुपस्थिति दर्ज की गई। जिनमें 5 अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम), 14 डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स (डीसीएलआर) और 53 अंचल अधिकारी शामिल हैं। अनुपस्थित एडीएम में बक्सर, नालंदा, गोपालगंज, अररिया और पूर्वी चंपारण के अधिकारी शामिल हैं।
वहीं, डीसीएलआर में बिहारशरीफ, राजगीर, हिलसा, औरंगाबाद, दाउदनगर, बेगूसराय, मंझौल, बखरी, पूर्णिया सदर, बनमनखी, धमदाहा, मनिहारी, मधेपुरा और उदाकिशुनगंज के अधिकारी शामिल हैं।
नालंदा जिले की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक रही, जहां सभी अंचल अधिकारी बैठक में शामिल नहीं हुए। इस लापरवाही को विभाग ने गंभीरता से लिया है और इन सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
दो दिवसीय राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग के विभिन्न कार्यों, जैसे भूमि सुधार, राजस्व संग्रह और अंचल स्तर पर चल रही परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मंत्री संजय सरावगी ने अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए थे। बैठक में विभागीय योजनाओं के कार्यान्वयन, लंबित मामलों के निपटारे और डिजिटल प्रणाली के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह की समीक्षा बैठकों का उद्देश्य विभागीय कार्यों में जवाबदेही और दक्षता को बढ़ाना है। अनुपस्थित अधिकारियों की यह लापरवाही न केवल विभागीय अनुशासन के खिलाफ है, बल्कि जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी प्रभावित करती है।
शो-कॉज नोटिस में सभी अनुपस्थित अधिकारियों से 50 दिनों के बाद स्पष्टीकरण मांगा गया है कि वे बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए। अधिकारियों को अपने जवाब में ठोस कारण प्रस्तुत करने होंगे। अन्यथा विभाग उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकता है। सूत्रों के अनुसार विभाग इस मामले में सख्ती बरतने के मूड में है। क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब अधिकारियों की अनुपस्थिति ने सवाल खड़े किए हैं।
नालंदा जिले के सभी अंचल अधिकारियों की अनुपस्थिति ने विभागीय अधिकारियों को हैरान कर दिया है। बिहारशरीफ, राजगीर और हिलसा के डीसीएलआर की अनुपस्थिति ने जिले में राजस्व और भूमि सुधार कार्यों की प्रगति पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंचल कार्यालयों में लंबित मामलों की संख्या पहले ही अधिक है और अधिकारियों की यह लापरवाही स्थिति को और जटिल कर सकती है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की दिशा में एक कदम है। विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि हमारा उद्देश्य जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करना है और इसके लिए अधिकारियों का सक्रिय और जिम्मेदार होना जरूरी है।





