पर्यावरण
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इस्लामपुर
मुहाने नदी: सरकारी सड़ांध का पर्याय बनी इस्लामपुर-चंडी की जीवन रेखा
नालंदा दर्पण डेस्क। तमाम सरकारों की कालिख अपने दामन में समेटे मुहाने नदी आज मरणासन्न अवस्था में पड़ी है। यह वही नदी है जो कभी जीवन देती थी, आज वही नदी मृत्यु दायिनी बनती जा रही है। क्योंकि नदियां जानती हैं उनके मरने के बाद सभ्यताओं के मरने की बारी आती…
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इस्लामपुर
इस्लामपुर में अतिक्रमण से मुहाने नदी का वजूद खत्म, बना बदबूदार नाला
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर नगर परिषद के अंतर्गत पटना रोड पर स्थित मुहाने नदी अतिक्रमण की चपेट में आ चुकी है, जिसके कारण यह ऐतिहासिक नदी धीरे-धीरे संकीर्ण होकर नाले का रूप ले रही है। अतिक्रमणकारियों की बढ़ती गतिविधियों ने नदी के मूल स्वरूप को नष्ट करने की कगार पर ला…
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पर्यावरण
Climate change: अब भारत के आकाश से लुप्त होगा सतरंगी इंद्रधनुष!
नालंदा दर्पण डेस्क। इंद्रधनुष प्रकृति का वह अनमोल तोहफा है, जो बारिश की बूंदों और सूरज की किरणों की मिलन से आसमान में सात रंगों का जादू बिखेरता है। हमेशा से मानव मन को आनंद और उम्मीद से भर देता है। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक इंद्रधनुष को सौंदर्य,…
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फीचर्ड
नालंदा विश्वविद्यालय: पुनर्जनन का नया युग, छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि
राजगीर (नालंदा दर्पण)। प्राचीन भारत की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत को पुनर्जनन की ओर ले जाता नालंदा विश्वविद्यालय एक बार फिर वैश्विक शिक्षा के केंद्र के रूप में उभर रहा है। बीते पांच वर्षों में इस विश्वविद्यालय ने छात्रों की संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की है, जो इसके बढ़ते प्रभाव और…
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पर्यावरण
भारत के 10 सर्वाधिक प्रदूषित बिहार के 4 शहरों में राजगीर भी शामिल
राजगीर (नालंदा दर्पण)। बेंगलुरु स्थित ऊर्जा व स्वच्छ वायु अनुसंधान केंद्र (सीआरईए) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों की सूची जारी की है, जिसमें बिहार के चार शहर हाजीपुर, सासाराम, पटना और राजगीर शामिल हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली अब देश का दूसरा सबसे प्रदूषित…
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चंडी
मुहाने नदी का मुंह खोलने की कवायद शुरू, डीपीआर तैयार
चंडी (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले की मुहाने नदी कभी सालभर पानी से लबालब रहती थी। लेकिन अब वह खुद सूखे की चपेट में है। पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद इस नदी में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंच रही है। जिससे चंडी, हरनौत, एकंगरसराय, रहुई,…
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खोज-खबर
मानव जीवन के लिए वरदान गौरेया को बचाएं
“गौरेया चिड़ियाँ मानव बस्तियों के आसपास पाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण चिड़ियाँ है। शहरीकरण, प्रदूषण और भोजन की कमी जैसे कारकों के कारण यह चिड़ियाँ विलुप्ति की कगार पर है। गौरेया के संरक्षण के लिए पर्यावरण की सफाई, आवास संरक्षण और भोजन की आपूर्ति जैसे उपाय आवश्यक हैं। सामुदायिक जागरूकता और…