खेल-कूदनालंदाफीचर्डराजगीर

राजगीर महामना हॉकी गोल्ड कप ले उड़े यूपी और झारखंड के चैंपियन, जानें डिटेल

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार की ऐतिहासिक और खेल पर्यटन की दृष्टि से उभरती नगरी राजगीर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय महामना हॉकी गोल्ड कप चैंपियनशिप का भव्य और रोमांचक समापन हुआ।

इस दौरान तेज रफ्तार मुकाबलों, दर्शकों के जोश और खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के बीच इस अंतर्राज्यीय टूर्नामेंट ने राजगीर को हॉकी के नए केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।

19 से 21 जनवरी 2026 तक चले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में कुल 30 मुकाबले खेले गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर के एस्ट्रो टर्फ ग्राउंड और प्रैक्टिस ग्राउंड पर आयोजित इस प्रतियोगिता में देश के सात राज्यों बिहार, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, असम, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की बालक एवं बालिका वर्ग की टीमों ने भाग लिया। हर मैच में खिलाड़ियों का जज्बा, अनुशासन और खेल कौशल देखने लायक रहा।

बालक वर्ग का फाइनल, ट्राई ब्रेकर में यूपी का जलवाः बालक वर्ग के फाइनल मुकाबले में उत्तर प्रदेश और झारखंड की टीमें आमने-सामने रहीं। निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ।

इसके बाद दर्शकों की धड़कनें बढ़ाने वाले ट्राई ब्रेकर में उत्तर प्रदेश की टीम ने शानदार संयम और सटीक निशानेबाजी का परिचय देते हुए 4 गोल दागे, जबकि झारखंड की टीम 3 गोल ही कर सकी।

इस तरह उत्तर प्रदेश ने बालक वर्ग का खिताब अपने नाम किया। पूरे टूर्नामेंट में यूपी की टीम ने आक्रामक रणनीति और अनुशासित खेल से सभी का ध्यान खींचा।

बालिका वर्ग में झारखंड की बादशाहतः बालिका वर्ग के फाइनल मुकाबले में झारखंड के सिमडेगा की टीम ने उत्तर प्रदेश को 2-0 से पराजित कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। झारखंड की बालिकाओं ने बेहतरीन तालमेल, तेज पासिंग और मजबूत डिफेंस के दम पर मैच को शुरू से अंत तक अपने नियंत्रण में रखा। उनके खेल में आत्मविश्वास और रणनीतिक समझ साफ झलक रही थी।

तीसरे स्थान के मुकाबले भी रहे यादगारः तीसरे स्थान के मुकाबलों में भी खिलाड़ियों ने जबरदस्त उत्साह और प्रतिस्पर्धा का परिचय दिया। बालक वर्ग में बिहार की बीएसएसए टीम ने असम को 2-0 से हराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।

वहीं बालिका वर्ग में बीएसएसए बिहार और झारखंड के खूंटी की टीम के बीच मुकाबला बराबरी पर रहा, जिसके बाद शूटआउट में बीएसएसए ने खूंटी को 3-1 से पराजित कर तीसरा स्थान हासिल किया।

पुरस्कार और सम्मानः फाइनल मुकाबलों की विजेता टीमों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि उपविजेता टीमों को 75 हजार रुपये से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को व्यक्तिगत पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।

बालक वर्ग के फाइनल में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार सूर्यमणि को मिला। बेस्ट गोलकीपर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब सावन कुमार (नालंदा) को दिया गया, जबकि बालिका वर्ग में यह सम्मान आनंदी कुमारी (बीएसएसए) को मिला।

बेस्ट फेयर प्लेयर बालक वर्ग में अर्पित यादव (बिहार) और बालिका वर्ग में अंजलि कुमारी रहीं। बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बालक वर्ग में शाहरुख अली (उत्तर प्रदेश) और बालिका वर्ग में अंजला कुमारी (झारखंड) चुनी गईं।

इसके अतिरिक्त सेमीफाइनल और तीसरे स्थान के मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी 5 हजार से 11 हजार रुपये तक की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

गणमान्य अतिथियों की मौजूदगीः पुरस्कार वितरण समारोह में सांसद कौशलेंद्र कुमार, एमएलसी रीना यादव, बिहार खेल विश्वविद्यालय के कुलसचिव रजनीकांत, महामना हॉकी गोल्ड कप के आयोजक अध्यक्ष विपिन कुमार सिंह, बिहार हॉकी एसोसिएशन के सचिव राणा प्रताप सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि, खेल अधिकारी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।

समापन समारोह में वक्ताओं ने कहा कि महामना हॉकी गोल्ड कप जैसे आयोजन न केवल युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हैं, बल्कि बिहार और विशेष रूप से राजगीर को खेल मानचित्र पर नई ऊंचाई भी प्रदान करते हैं। तीन दिनों तक चला यह हॉकी महोत्सव खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए अविस्मरणीय बन गया।

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.