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फिर राष्ट्रीय गौरव बना इस्लामपुर पान अनुसंधान केंद्र, औषधीय पौधों को मिला नया आयाम

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण/रामकुमार वर्मा)। बिहार कृषि विश्वविद्यालय के अधीन संचालित पान अनुसंधान केंद्र (BRC) इस्लामपुर के लिए वर्ष 2026 की शुरुआत एक ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ हुई है।

औषधीय एवं सुगंधित पौधों तथा पान आधारित अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए इस केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर उत्कृष्ट केंद्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

यह सम्मान न केवल संस्थान की वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण है, बल्कि मगही पान को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी माना जा रहा है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी पान अनुसंधान केंद्र इस्लामपुर को वर्ष 2017-18 और 2020-21 में सर्वश्रेष्ठ केंद्र का दर्जा मिल चुका है। लगातार तीसरी बार इस तरह की उपलब्धि यह दर्शाती है कि यह केंद्र केवल नाम के लिए नहीं, बल्कि धरातल पर किसानों और कृषि व्यवस्था के लिए ठोस और प्रभावी काम कर रहा है।

डॉ. शिवनाथ दास को मिला राष्ट्रीय सम्मानः इसी गरिमामयी कार्यक्रम में पान एवं औषधीय पौधों पर आधारित अनुसंधान में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. शिवनाथ दास को सर्वश्रेष्ठ AICRP वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में पान अनुसंधान केंद्र ने कई व्यावहारिक तकनीकों को विकसित किया, जिससे पान उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिला है। वैज्ञानिक समुदाय में इस सम्मान को बिहार के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

अरुणाचल प्रदेश में हुआ राष्ट्रीय मंथनः यह सम्मान अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (AICRP–MAP&B) की 33वीं वार्षिक समूह बैठक के दौरान प्रदान किया गया। तीन दिवसीय यह बैठक 20 से 22 जनवरी 2026 तक कृषि महाविद्यालय, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय (CAU) पासीघाट, अरुणाचल प्रदेश में आयोजित की गई थी। बैठक में देशभर से आए वैज्ञानिकों ने अपने-अपने केंद्रों के शोध कार्यों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को प्रस्तुत किया।

अनुसंधान की गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार और किसानों तक इसके प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर इस्लामपुर स्थित BRC को वर्ष 2025-26 के लिए पुनः उत्कृष्ट केंद्र घोषित किया गया।

GI आधारित ‘मगही पान’ पुस्तक का विमोचनः बैठक की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि GI आधारित ‘Geographical Indication- Authorized Users of Magahi Pan’ विषय पर तैयार पुस्तक का विमोचन रहा। यह पुस्तक मगही पान को GI टैग मिलने के बाद किसानों, अधिकृत उपयोगकर्ताओं और अन्य हितधारकों के लिए एक मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में तैयार की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पुस्तक से मगही पान की वैज्ञानिक, कानूनी और व्यावसायिक समझ को मजबूती मिलेगी, जिससे किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा।

उद्घाटन सत्र में दिखा किसानों पर फोकसः उद्घाटन सत्र में पासीघाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री निनोंग एरिंग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि औषधीय, सुगंधित पौधों और पान की खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

वहीं ICAR के सहायक महानिदेशक डॉ. सुधाकर पांडे ने वैज्ञानिकों से अनुसंधान को प्रयोगशाला तक सीमित न रखकर खेतों तक पहुंचाने पर जोर दिया।

तीन दिन चला तकनीकी विमर्शः तीन दिवसीय बैठक में फसल सुधार, उत्पादन, संरक्षण, फाइटोकेमिस्ट्री और प्लेनरी सत्रों के माध्यम से विस्तृत तकनीकी चर्चा हुई।

साथ ही आगामी वर्ष के अनुसंधान एजेंडे को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान पांच तकनीकी बुलेटिन और AICRP–MAP&B की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट का भी विमोचन किया गया।

देशभर से जुटे विशेषज्ञः कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए 120 से अधिक वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ICAR-डायरेक्टोरेट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्लांट्स रिसर्च आनंद के निदेशक एवं परियोजना समन्वयक डॉ. मनीष दास, CAU इम्फाल के निदेशक (अनुसंधान) डॉ. एल. एम. गरनायक, डॉ. वांगचू और डॉ. संजय स्वामी की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।

बिहार के किसानों के लिए नई उम्मीदः पान अनुसंधान केंद्र इस्लामपुर की यह उपलब्धि बिहार कृषि विश्वविद्यालय के लिए तो गर्व की बात है ही, साथ ही मगही पान उत्पादक किसानों के लिए भी एक नई उम्मीद लेकर आई है।

GI टैग, वैज्ञानिक अनुसंधान और राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान से आने वाले वर्षों में मगही पान को देश-विदेश के बाजारों में नई ऊंचाइयां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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