नालंदा की इन 68 जर्जर ग्रामीण सड़कों के बहुरेंगे दिन, जानें क्या है प्लान

हिलसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से बदहाल सड़कों की स्थिति को सुधारने के लिए एक सकारात्मक कदम उठाया गया है। अस्थावां, बिहारशरीफ, बिंद, रहुई और सरमेरा प्रखंडों की 68 जर्जर सड़कों की मरम्मति और जीर्णोद्धार के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की है। इस डीपीआर को स्वीकृति के लिए मुख्यालय भेजा गया है और स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही इन सड़कों पर काम शुरू होगा।

इन सड़कों की मरम्मति और कालीकरण के बाद न केवल यातायात सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि लगभग डेढ़ लाख लोगों का जीवन भी आसान हो जाएगा। पिछले पांच सालों में मेंटेनेंस अवधि समाप्त होने के कारण इन सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। जिससे बारिश के दिनों में आवाजाही बेहद कठिन हो जाती थी। मरम्मत कार्य पूरा होने पर इन क्षेत्रों में आवागमन सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।

अस्थावां प्रखंड: एनएच-82 से बलवापर तक, जिरायन-ओंदा पथ से भिखनी बिगहा, देसना रोड भाया अस्थावां थाना मोड़, गोंगचक, चकपर-गोटिया जैसे कई प्रमुख मार्ग शामिल हैं।

बिहारशरीफ प्रखंड: नकटपुरा, दीपनगर, जोरारपुर, मेघी नगवां पथ, बिहारशरीफ-राजगीर रोड जैसी महत्वपूर्ण सड़कों को मरम्मत योजना में शामिल किया गया है।

सरमेरा प्रखंड: मोगलाचक, देवीस्थान से मलावां, सुजाचक, तोरा गांव जैसी ग्रामीण सड़कों पर भी ध्यान दिया गया है।

बिंद प्रखंड: मसिया से बरहोग, कुसहर-दरियापुर और बेनार-सकसोहरा पथ के साथ अन्य सड़कों की मरम्मत की जाएगी।

रहुई प्रखंड: रहुई बाजार से बागनबिगहा, पेसौर पथ से गैबी और कयानपुर जैसे मार्गों को योजना में प्राथमिकता दी गई है।

बताया जाता है कि इनकी डीपीआर को मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभाग ने सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग की योजना बनाई है। यह मरम्मत कार्य न केवल सड़कों को लंबे समय तक टिकाऊ बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में भी योगदान देगा।

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