प्राचीन देवी स्थान मंदिर का गेट उखाड़कर ले गए चोर, जानें रोचक विवाद

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। खुदागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पचमहला गांव में स्थित प्राचीन देवी स्थान मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मंदिर परिसर में लगे गेट को चोरों ने रात के अंधेरे में उखाड़कर चुरा लिया। इस घटना ने पहले से ही विवादों में घिरे इस मंदिर को लेकर ग्रामीणों के बीच तनाव और दहशत को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार की रात चोरों ने इस कांड को अंजाम दिया, जिसकी जानकारी शनिवार सुबह लोगों को हुई।

यह मंदिर पहले ही एक गंभीर विवाद का केंद्र बन चुका था। कुछ समय पहले मंदिर में एक नया गेट लगाया गया था, जिस पर एक व्यक्ति का नाम अंकित था। इस बात को लेकर गांव में दो गुटों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई थी। नाम अंकित गेट लगाने का कुछ ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया था। जिसके बाद मामला हिंसक रूप ले लिया था।

विरोध के दौरान गोलीबारी की घटना सामने आई। जिसमें स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मारपीट और पथराव तक हो गया। इस हिंसक झड़प में दो लोग अमीरक प्रसाद और मनीष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

गोलीबारी और मारपीट की घटना के बाद गांव में पहले से ही तनाव का माहौल था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी और दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश में जुटी थी। ग्रामीणों का कहना है कि गेट पर नाम लिखे होने को लेकर कुछ लोग इसे अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ रहे थे। जबकि अन्य ग्रामीण इसे मंदिर की पवित्रता पर सवाल उठाने वाला कदम मान रहे थे। इस विवाद ने गांव को दो गुटों में बांट दिया था और लोग इस मामले को शांत करने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन चोरों ने गेट चुराकर उस तनाव को और हवा दे दी है।

ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार की रात चोरों ने मौके का फायदा उठाया और मंदिर परिसर में लगे गेट को उखाड़ लिया। यह गेट लोहे का बना था और इसकी कीमत हजारों रुपये बताई जा रही है। सुबह जब ग्रामीण मंदिर पहुंचे तो गेट गायब देखकर सभी हैरान रह गए। कुछ लोगों का मानना है कि चोरों ने इस घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। ताकि विवाद को और भड़काया जा सके। वहीं कुछ ग्रामीण इसे साधारण चोरी की वारदात मान रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि प्राचीन देवी स्थान मंदिर न केवल उनकी आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर भी है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं निंदनीय हैं। इस घटना ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द को चुनौती दी है। क्योंकि यह घटना न केवल एक चोरी की वारदात है, बल्कि यह समाज में आपसी विश्वास और एकता की कमी को भी उजागर करती है।

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