
रैगिंग के आरोपों ने नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि इस तरह की घटनाएं उच्च शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था की कमी को उजागर करती हैं..
चंडी (नालंदा दर्पण)। बीते बुधवार रात 9 बजे से लेकर गुरुवार सुबह साढ़े चार बजे तक चंडी थाना क्षेत्र में स्थित नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज में एक दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। बीटेक सिविल ब्रांच की छात्रा सोनम कुमारी की रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई मौत और इसके बाद हुए उपद्रव, वाहनों में आगजनी और कॉलेज परिसर में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की हैं।
उनमें से एक FIR मृतका के पिता, दूसरी कॉलेज प्रबंधन और तीसरी पुलिस द्वारा दर्ज की गई है। इस घटना ने कॉलेज प्रशासन, छात्रों और स्थानीय समुदाय के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। साथ ही रैगिंग की आशंका ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
बता दें कि बुधवार रात 8:41 बजे सोनम कुमारी कॉलेज की छत से गिरी थीं। सीसीटीवी फुटेज में 8:55 बजे उन्हें खून से लथपथ जमीन पर पड़ा हुआ देखा गया। कॉलेज के प्रिंसिपल गोपाल नंद ने दावा किया कि उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी लेकर छात्रा को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन उनकी गाड़ी के पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी। हालांकि छात्रों के आक्रोश को देखते हुए उन्हें मौके से भागना पड़ा।
सोनम कुमारी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी स्थिति गंभीर होने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद कॉलेज में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप परिसर में तोड़फोड़, वाहनों में आगजनी और उपद्रव की स्थिति पैदा हो गई। गुरुवार सुबह तक कॉलेज के अधिकांश छात्र-छात्राएं छात्रावास खाली कर अपने-अपने घर चले गए, जिससे परिसर में सन्नाटा छा गया।
चंडी थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि कॉलेज और अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर 30 नामजद छात्र-छात्राओं सहित दर्जनों अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मृतका के पिता की FIR: सोनम कुमारी के पिता ने अपनी बेटी की मौत को छत से गिरने का परिणाम बताया और कॉलेज प्रिंसिपल पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका दावा है कि कॉलेज प्रशासन ने समय पर उचित कदम नहीं उठाए, जिसके कारण उनकी बेटी की जान गई।
कॉलेज प्रबंधन की FIR: कॉलेज प्रशासन ने उपद्रव, तोड़फोड़ और आगजनी के लिए जिम्मेदार छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस FIR में सीसीटीवी फुटेज को सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया गया है।
पुलिस की FIR: पुलिस ने अपनी ओर से तीसरी FIR दर्ज की, जिसमें कॉलेज परिसर में हुए उपद्रव और हिंसक गतिविधियों को शामिल किया गया है।
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि सोनम कुमारी की मौत का कारण रैगिंग हो सकता है। कुछ सूत्रों का कहना है कि वह रैगिंग से परेशान थीं, जिसके कारण उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया। हालांकि इस दावे की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है।
कॉलेज के प्रिंसिपल गोपाल नंद ने अपने ऊपर लगे लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि छात्रा को वाहन उपलब्ध न कराने का दावा पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद वह स्वयं मौके पर पहुंचे थे, लेकिन छात्रों के आक्रोश के कारण उन्हें वहां से हटना पड़ा।
प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि कॉलेज प्रशासन इस मामले में पूरी तरह से जांच में सहयोग कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करता है।
घटना के बाद कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल है। गुरुवार सुबह तक अधिकांश छात्र-छात्राएं अपने घर चले गए, जिससे परिसर में सन्नाटा पसर गया है। इस घटना ने न केवल कॉलेज की छवि को प्रभावित किया है, बल्कि छात्रों और अभिभावकों के बीच भी असुरक्षा की भावना पैदा की है।
बहरहाल, पुलिस इस मामले में गहन जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है, और रैगिंग की आशंका पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
यह घटना नालंदा इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे शैक्षणिक केंद्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है। रैगिंग और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मुद्दों पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे और इस तरह की दुखद घटनाएं दोबारा न हों।









