
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण ब्यूरो)। राजगीर से पटना होते हुए झारखंड के बरकाकाना जंक्शन तक चलने वाली पलामू एक्सप्रेस के परिचालन को लेकर इन दिनों असमंजस की स्थिति बन गई है।
आगामी एक मार्च से रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट आईआरसीटीसी और अन्य ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर इस ट्रेन की टिकट बुकिंग का विकल्प राजगीर स्टेशन के लिए दिखाई नहीं दे रहा है। इस अचानक बदले हालात ने यात्रियों, स्थानीय लोगों और व्यवसायियों के बीच चिंता और तरह-तरह की आशंकाओं को जन्म दे दिया है।
सूत्रों के अनुसार पलामू एक्सप्रेस का संचालन पहले केवल पटना जंक्शन से झारखंड के बरकाकाना जंक्शन तक किया जाता था। अक्टूबर 2023 में रेलवे द्वारा इस ट्रेन का विस्तार राजगीर तक किया गया, जिसके बाद से यह ट्रेन नियमित रूप से अपने निर्धारित समय पर राजगीर स्टेशन से रवाना होती रही है।
इस विस्तार को मगध क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना गया था, क्योंकि इससे राजगीर, नालंदा और आसपास के इलाकों को झारखंड के कई जिलों से सीधा रेल संपर्क मिल सका।
राजगीर स्टेशन से पलामू एक्सप्रेस की टिकट बुकिंग लगातार संतोषजनक रही है। रोजमर्रा के यात्रियों के साथ-साथ नौकरीपेशा लोग, छात्र, व्यापारी और धार्मिक पर्यटन से जुड़े यात्री बड़ी संख्या में इस ट्रेन का उपयोग करते रहे हैं।
इससे साफ जाहिर होता है कि यात्रियों के बीच इस ट्रेन की अच्छी मांग रही है। बावजूद इसके मार्च महीने की तारीखों के लिए टिकट बुकिंग का विकल्प अचानक गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि एक मार्च के बाद की तिथियों के लिए इस ट्रेन का लिंक बुकिंग सिस्टम में प्रदर्शित नहीं हो रहा है। इसी कारण मार्च की टिकट बुकिंग संभव नहीं हो पा रही है।
हालांकि, अब तक रेलवे की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना, आदेश या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि यह तकनीकी समस्या है या परिचालन में किसी तरह के बदलाव की तैयारी।
इस चुप्पी के कारण लोगों में यह आशंका गहराने लगी है कि कहीं पलामू एक्सप्रेस के परिचालन में कटौती या पूरी तरह रोक तो नहीं लगने वाली है। यदि ऐसा होता है तो इसका सीधा असर हजारों यात्रियों पर पड़ेगा।
यह ट्रेन बिहार और झारखंड के कई जिलों को एक साथ जोड़ती है और मगध क्षेत्र तथा झारखंड के पलामू अंचल के बीच सीधा और सुलभ रेल संपर्क प्रदान करती है। इसी महत्व को देखते हुए अधिकारियों द्वारा इसका नाम पलामू एक्सप्रेस रखा गया था।
यह ट्रेन बिहार में राजगीर, नालंदा, बिहारशरीफ, बख्तियारपुर, पटना, जहानाबाद, गया, अनुग्रह नारायण रोड, रोहतास और डेहरी ऑन सोन जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती है। वहीं झारखंड में यह रामगढ़, पतरातू, खेलारी, मैक्लुस्कीगंज, टोरी, लातेहार, बरवाडीह, डाल्टनगंज, गढ़वा रोड, ऊंटारी रोड, मोहम्मदगंज, हैदरनगर, जपला और नबीनगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ती है।
इस लंबी और उपयोगी रूट के कारण यह ट्रेन दोनों राज्यों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संपर्क को मजबूत करती रही है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यदि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के इस ट्रेन का परिचालन प्रभावित होता है तो इससे राजगीर और नालंदा क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें भी यह जानकारी मिली है कि एक मार्च से ऑनलाइन टिकट बुकिंग का विकल्प राजगीर के लिए नहीं दिख रहा है, लेकिन इस बारे में किसी भी स्तर पर कोई सरकारी आदेश या सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
परिचालन को लेकर बनी यह अनिश्चितता यात्रियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। लोग अपनी यात्रा योजनाएं नहीं बना पा रहे हैं और मजबूरी में वैकल्पिक, महंगे या असुविधाजनक साधनों की तलाश करनी पड़ सकती है।
ऐसे में रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह जल्द से जल्द इस शंका और आशंका को दूर करे तथा स्थिति को स्पष्ट करे। यात्रियों और स्थानीय लोगों की मांग है कि रेलवे इस विषय पर तुरंत आधिकारिक बयान जारी करे। ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो और लोगों को राहत मिल सके।