
नवादा-पटना पैसेंजर ट्रेन का परिचालन इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह ट्रेन न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगी। लच्छु बिगहा जैसे छोटे स्टेशनों पर ठहराव होने से ग्रामीण क्षेत्रों का शहरी केंद्रों से जुड़ाव मजबूत होगा, जो समग्र विकास के लिए आवश्यक है…
नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नवादा से पटना के बीच बहुप्रतीक्षित नई पैसेंजर ट्रेन का परिचालन आज से शुरू हो गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ओडिशा के झारसुगुड़ा से वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को रवाना किया। यह ट्रेन क्षेत्रवासियों के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई थी, लेकिन जैसे ही यह दनियावां-बिहारशरीफ रेलखंड पर स्थित लच्छु बिगहा हॉल्ट पहुंची, स्थानीय ग्रामीणों ने लाल झंडी दिखाकर ट्रेन को रोक दिया और अपने आक्रोश का इजहार किया।
ग्रामीणों की मांग थी कि नवादा-पटना पैसेंजर ट्रेन का ठहराव लच्छु बिगहा हॉल्ट पर भी सुनिश्चित किया जाए। ट्रेन के रुकते ही रविशंकर कुमार, जगदेव दास, अरविंद प्रसाद, पिंटू चौधरी, अजय मिस्त्री, कारू गोप, मनीष कुमार, प्रदीप कुमार, सनटी कुमार, नीतीश कुमार, भीम कुमार, धर्मेंद्र कुमार, कन्हैया पासवान, प्रिंस कुमार सहित कई ग्रामीणों ने ट्रेन मैनेजर और चालक को माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने अपनी मांगों और समस्याओं को रेल अधिकारियों के समक्ष रखा।
ग्रामीणों ने बताया कि नगरनौसा प्रखंड की एक बड़ी आबादी को इस ट्रेन के लच्छु बिगहा हॉल्ट पर रुकने से सीधा लाभ होगा। इस रेलखंड पर वर्तमान में चलने वाली एकमात्र पैसेंजर ट्रेन केवल फतुहा तक ही जाती है, जिसके कारण ग्रामीणों को पटना जाने में भारी असुविधा होती है। नवादा-पटना पैसेंजर ट्रेन इस रेलखंड को राजधानी पटना से सीधे जोड़ने वाली पहली ट्रेन है, लेकिन इसके लच्छु बिगहा हॉल्ट पर ठहराव न होने से स्थानीय लोगों में निराशा है।
ग्रामीणों ने कहा कि हमारी मांग जायज है। इस ट्रेन के रुकने से न केवल नगरनौसा बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को भी पटना आने-जाने में सुविधा होगी। रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पटना जाना हमारी मजबूरी है, लेकिन ट्रेन की कमी के कारण हमें भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
लच्छु बिगहा हॉल्ट पर ट्रेन के ठहराव की मांग को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़ा है। ट्रेन का ठहराव होने से स्थानीय लोगों को व्यापार, नौकरी और शिक्षा के लिए पटना तक आसान पहुंच मिलेगी। हमारी मांग केवल सुविधा की नहीं, बल्कि विकास की है। इस रेलखंड पर लच्छु बिगहा हॉल्ट एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, और इसे अनदेखा करना गलत है।
प्रदर्शन के दौरान ट्रेन मैनेजर ने ग्रामीणों की बात सुनी और उनकी मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि, अभी तक रेलवे की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे भविष्य में और बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।





