समय पर क्यों नहीं शुरु हो पा रहा भरावपर फ्लाइओवर का निर्माण

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी परियोजना अंतर्गत शहर में निर्माणाधीन भरावपर फ्लाइओवर के निर्माण को पूरा करने के लिए अबतक चार डेड लाइन समाप्त हो चुकी है। लेकिन इस फ्लाई ओवर को अबतक शुरू नहीं किया जा सका है।
इसका निर्माण कार्य वर्ष 2022 में ही शुरू किया गया था। जिसे जुलाई 2024 में ही पूरा करना था। इस हिसाब से देंखे तो साढ़े तीन वर्ष से अधिक का समय गुजर चुका है। बावजूद इसे चालू करने को लेकर निरंतर नई डेड लाइन घोषित किया जा रहा है।
बीते माह दिसंबर के 15 तारीख तक इसके निर्माण कार्य को पूरा करने के लिये चौथी डेड लाइन रखी गयी थी। लेकिन अब नई डेड लाइन 20 जनवरी तक रखा गया है।
कुल 84 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन भरावपर फ्लाइओवर का निर्माण कार्य ससमय पूरा नहीं होने और लेटलतीफी की वजह से इसके दोनों किनारे स्थित दुकान चलाने वाले दुकानदारों की आमदनी प्रभावित हो रही है।
हालांकि शुरूआत में इस परियोजना का ड्राफ्ट तैयार कर जब इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था तो दुकानदारों ने विरोध भी जताया था।
भरावपर फ्लाई ओवर की कुल लंबाई डेढ किलोमीटर जबकि चौड़ाई 8.9 मीटर है। यह टू लेन सड़क है। रांची रोड स्थित एलआईसी बिल्डिंग के पास से इसका बेस तैयार किया गया है, जबकि इस बिल्डिंग से यह शुरू होकर सोगरा कॉलेज के समीप तक अंत हो रहा है।
फ्लाई ओवर के शुरू हो जाने से शहर के सोगरा कॉलेज मोड़, लहेरी थाना मोड़, भरावपर मोड़ एवं एलआइसी भवन मोड़ तक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिल सकेगी।
हालांकि बिहारशरीफ स्मार्ट सिटी परियोजना निदेशक दीपक कुमार मिश्रा का कहना है कि भरावपर फ्लाइओवर का कार्य 100 प्रतिशत पूरा हो गया है। सिर्फ फिनिशिंग का कार्य ही बाकी रह गया है जिसे तेजी से पूरा किया जा रहा है। अगर सबकुछ ठीकठाक रहा तो 20 जनवरी के बाद किसी भी दिन इस फ्लाई ओवर को शुरू कर दिया जायेगा।
बता दें कि परियोजना की प्रारंभिक लागत 73 करोड़ थी। लेकिन स्लैब कॉस्टिंग समेत अन्य जरूरी कार्यों के कारण लागत बढ़कर अब 84 करोड़ रुपये हो गयी है।





