आवागमननालंदाफीचर्डराजगीरसमस्या

मंत्री की तामझाम के बाबजूद नहीं बदली राजगीर बस स्टैंड की तस्वीर

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) द्वारा संचालित राजगीर बस स्टैंड बदहाली का शिकार बना हुआ है। जबकि हाल ही में विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने बड़े तामझाम के साथ यहां का दौरा कर अफसरो को सुधार लाने के निर्देश दिए। 

बहलहाल सड़क से लगभग टेहुना भर नीचे यह स्टैंड अब जलजमाव के कारण तालाब का रूप लेने लगा है। पूरा परिसर कीचड़मय और उबड़-खाबड़ हो गया है। इससे बसों के संचालन के साथ-साथ यात्रियों की आवाजाही भी मुश्किल हो गयी है।

इसी जर्जर स्टैंड से सरकारी और निजी दोनों प्रकार की बसों का परिचालन किया जाता है। लेकिन दुर्दशा के कारण निगम की बसें राष्ट्रीय राजमार्ग- 82 पर ही खड़ी की जाती है। वहीं यात्रियों को चढ़ाया- उतारा जाता है। इससे जहां यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, वहीं यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है।

राजगीर स्टैंड परिसर से गया, नवादा, बिहारशरीफ, इस्लामपुर, वारिसलीगंज और शेखपुरा जैसे प्रमुख शहरों के लिए निजी बसों का संचालन होता है। बावजूद यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही बैठने के लिए ढंग का प्रतीक्षालय की सुविधा है।

रात्रि के समय अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के कारण यात्रियों को भारी परेशानी और असामाजिक तत्वों से डर का सामना करना पड़ता है। स्टैंड में चार्जिंग प्वाइंट की सुविधा है। वहां केवल चार्ज करने तक ही सरकारी बसें रुकती हैं।

वर्तमान स्थिति यह है कि निजी बसें स्टैंड के अंदर खड़ी होती हैं, जबकि सरकारी बसें राष्ट्रीय राजमार्ग पर पार्किंग करने को विवश हैं। सबसे गंभीर मामला स्टैंड की जमीन पर अतिक्रमण का सामने आया है। यात्रियों ने भी प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.