‘डॉक्टर नहीं जल्लाद’: मंत्री डॉ. सुनील के बयान पर भड़के डॉक्टर, आंदोलन की चेतावनी
“इस पूरे घटनाक्रम ने चिकित्सा व्यवस्था बनाम राजनीति की जटिलता को फिर से उजागर कर दिया है। जनता इस तकरार के बीच बस यही चाहती है कि स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता पर असर न पड़े…
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार द्वारा मॉडल अस्पताल में निरीक्षण के बाद दिए गए बयान से डॉक्टरों में भारी आक्रोश फैल गया है। मंत्री के तल्ख शब्दों और आरोपों ने जिले के डॉक्टरों को आहत किया है, जिससे नाराज़ चिकित्सकों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की है।
डॉ. सुनील कुमार ने मॉडल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें कई खामियां नजर आईं। इसके बाद उन्होंने सिविल सर्जन (सीएस) समेत अन्य चिकित्सकों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान मंत्री ने कहा कि डॉक्टर धरती के भगवान माने जाते हैं, लेकिन कुछ लोग मरीजों के साथ जल्लाद जैसा बर्ताव कर रहे हैं। गरीबों की सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पतालों में दलाल सक्रिय हैं, जो गर्भवती महिलाओं को बरगला कर निजी क्लिनिक की ओर मोड़ते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में चल रहे रेफर के खेल पर भी नाराजगी जताई और स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब ऐसे रवैये पर लगाम लगेगी।
हालांकि उनके इस बयान ने डॉक्टरों को नाराज कर दिया। सीएस डॉ. जितेंद्र सिंह और डीएस डॉ. कुमकुम प्रसाद ने मंत्री के शब्दों को आपत्तिजनक और अपमानजनक बताया। सीएस डॉ. सिंह का आरोप है कि मंत्री ने उनसे कहा कि रुपया देकर आप सीएस बने हैं क्या? साथ ही डॉक्टरों को ‘जल्लाद’ कहे जाने पर उन्होंने गहरी आपत्ति जताई।
डॉक्टरों ने आपात बैठक बुलाकर मंत्री के बयान की कड़ी निंदा की और आंदोलन की चेतावनी दी। आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के जिला सचिव ने भी मंत्री के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि इस तरह का बयान चिकित्सकों के मनोबल को गिराने वाला है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि मंत्री अपने बयान पर स्पष्टीकरण नहीं देते या माफी नहीं मांगते हैं तो जिले भर के डॉक्टर कार्यविरोधी कदम उठा सकते हैं, जिसमें ओपीडी ठप करने तक की चेतावनी दी गई है।





