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कितना पैसा देकर पोस्टिंग ली? सिविल सर्जन से मंत्री के इस सवाल से कांपा स्वास्थ्य महकमा!

इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी सच्चाई को उजागर कर दिया है। जहां एक ओर मंत्री स्वास्थ्य सेवा में सुधार की बात कर रहे हैं, वहीं डॉक्टर सम्मान और संवाद के बेहतर तरीकों की मांग कर रहे हैं। अब देखना है कि सरकार और चिकित्सा समुदाय के बीच यह टकराव संवाद में बदलता है या हालात और बिगड़ते हैं..

नालंदा दर्पण न्यूज डेस्क। बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान ऐसा वाकया हुआ कि पूरा स्वास्थ्य महकमा हिल गया। राज्य के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए अस्पताल की दुर्व्यवस्था और मरीजों की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया।

इसी बीच उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह से एक ऐसा सवाल पूछ लिया, जो पूरे चिकित्सा महकमे में भूचाल ले आया। मंत्री ने सिविल सर्जन से पूछा- ‘बताइए, आपने कितने पैसे देकर यह पोस्टिंग ली है?’

इस अप्रत्याशित और तीखे सवाल से बैठक का माहौल एकदम तनावपूर्ण हो गया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और अन्य कर्मियों में नाराजगी की लहर दौड़ गई। डॉक्टरों ने इसे अपमानजनक बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी।

बैठक के तुरंत बाद सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह ने अस्पताल के सभी डॉक्टरों के साथ एक आपात बैठक बुलाई। इसमें मंत्री के बयान पर नाराजगी जताई गई और आगामी रणनीति पर चर्चा हुई।

सिविल सर्जन ने कहा, ‘मंत्री को अपनी बात रखने का तरीका मर्यादित और संवेदनशील होना चाहिए। हम दिन-रात मरीजों की सेवा में लगे रहते हैं, तभी अस्पताल चलता है।‘

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के जिला सचिव डॉ. अशोक कुमार ने भी मंत्री के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, ‘अगर मंत्री खुद डॉक्टर होते हुए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। डॉक्टरों को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपमानित करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।‘

दूसरी ओर मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्हें लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि अस्पताल में मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा, ‘पहले लोग डॉक्टरों को भगवान मानते थे, लेकिन अब भरोसा टूट रहा है। डॉक्टरों को गरीबों के प्रति सेवा भावना से काम करना चाहिए। अगर लापरवाही की शिकायतें दोबारा मिलीं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी’।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

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