ग्रीष्मावकाश में भी बच्चों को दी जाएगी आयरन-पोषण की गोली
“गर्मी की छुट्टियों में जब अधिकांश स्कूल कार्यक्रम रुक जाते हैं, तब भी स्वास्थ्य से जुड़ी इस मुहिम को जारी रखने का यह फैसला निश्चित तौर पर सराहना के योग्य है। इससे न सिर्फ बच्चों में अनीमिया की समस्या को रोका जा सकेगा, बल्कि उनके समग्र विकास में भी मदद मिलेगी…

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। जैसे ही गर्मी की तपिश अपने चरम पर है, जिले के सरकारी विद्यालयों में एक जून रविवार से ग्रीष्मावकाश की शुरुआत हो रही है। लेकिन छुट्टी के इस मौसम में भी बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। यही कारण है कि मध्यान भोजन योजना के निदेशक ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अब गर्मी की छुट्टियों में भी स्कूलों के बच्चों को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दी जाएंगी।
बता दें कि अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत प्रत्येक बुधवार को बच्चों को दोपहर के भोजन के बाद आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां खिलाई जाती हैं। परंतु 2 जून से 22 जून तक की ग्रीष्मावकाश अवधि में यह नियमित प्रक्रिया बाधित न हो, इसके लिए सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
निर्देश के अनुसार विद्यालय बंद रहने के बावजूद यह सुनिश्चित किया जाना है कि बच्चों को उनकी कक्षा के अनुसार उचित गोलियां दी जाएं। कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को गुलाबी गोली, जबकि कक्षा 6 से 12 तक के किशोर-किशोरियों को नीली गोली दी जाएगी।
स्कूल के प्रधानाध्यापक व शिक्षक सप्ताह की गणना कर पहले ही गोलियों का वितरण कर देंगे। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि इन गोलियों को कैसे और कब लेना है।
नोडल शिक्षकों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे बच्चों को यह स्पष्ट रूप से समझाएं कि गोली खाने का सही समय दोपहर के भोजन के बाद क्या है। बच्चों को गोलियों का सेवन करना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक जरूरी कदम है।





