Dispute in Hilsa Municipal Council: मुख्य पार्षद धनंजय कुमार समेत 4 लोग पर एफआईआर

हिलसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के हिलसा नगर परिषद में इन दिनों विवाद और आरोप-प्रत्यारोप का दौर (Dispute in Hilsa Municipal Council) तेज हो गया है। एक वार्ड पार्षद द्वारा मुख्य पार्षद धनंजय कुमार समेत चार लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाना में आवेदन देने के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद नगर परिषद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल गर्म हो गया है।

कार्यालय में हुआ कथित विवाद, पार्षद ने लगाए गंभीर आरोपः प्राप्त जानकारी के अनुसार संबंधित वार्ड पार्षद अपने वार्ड से जुड़े विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति को लेकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान मुख्य पार्षद और अन्य लोगों के साथ उनकी बातचीत के क्रम में विवाद उत्पन्न हो गया।

वार्ड पार्षद का आरोप है कि चर्चा के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई और कथित रूप से उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने की कोशिश की गई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई, जिससे वे भयभीत हो गए। पार्षद ने अपने आवेदन में पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील की है।

मुख्य पार्षद ने आरोपों को बताया साजिश, कहा- सच्चाई जांच में सामने आएगीः वहीं मुख्य पार्षद धनंजय कुमार ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला एक पुराने विवाद से जुड़ा हुआ है, जिसमें संबंधित वार्ड पार्षद का नाम पहले भी चर्चा में रहा था।

मुख्य पार्षद के अनुसार पिछले महीने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक लाभुक से कथित रूप से 30 हजार रुपये कमीशन मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस घटना के बाद नगर परिषद और आम जनता में नाराजगी देखी गई थी।

धनंजय कुमार का दावा है कि उसी मामले से उत्पन्न आक्रोश के कारण अब उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित वार्ड पार्षद स्वयं कार्यालय में आकर अनर्गल आरोप लगा रहे थे और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। हमने कोई मारपीट या धमकी नहीं दी है। निष्पक्ष जांच से पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।

पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरूः मामले की पुष्टि करते हुए हिलसा थाना के अपर थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि वार्ड पार्षद के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

उन्होंने कहा कि आवेदन में लगाए गए आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सभी पक्षों से पूछताछ की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

नगर परिषद और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेजः इस पूरे घटनाक्रम के बाद नगर परिषद के कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। एक ओर जहां कुछ लोग इसे प्रशासनिक टकराव का परिणाम बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर देख रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के बीच इस तरह के विवाद से विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरः फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अब यह जांच का विषय है कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और वास्तविक दोषी कौन है।

नगर परिषद के भीतर उत्पन्न इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन और राजनीति दोनों में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी। स्रोतः नालंदा दर्पण/ हिलसा रिपोर्टर

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