मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजनाः HPV टीकाकरण अभियान शुरु

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग ने महिलाओं में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के खतरे को रोकने के लिए मिलकर एक महत्वाकांक्षी कदम उठाया है। मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत 9 से 14 वर्ष की सभी बालिकाओं को ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों और मदरसों में विशेष रणनीति तैयार की है। ताकि शत-प्रतिशत बालिकाएँ इस टीके का लाभ उठा सकें।
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर रोग है, जिसके लिए एचपीवी टीकाकरण को सबसे प्रभावी निवारक उपाय माना जाता है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक के अनुसार, अक्टूबर 2024 से शुरू इस योजना का उद्देश्य नालंदा जिले की सभी बालिकाओं को सुरक्षित भविष्य प्रदान करना है। इस आयु वर्ग की बालिकाएँ सरकारी और निजी स्कूलों, मदरसों आदि में पढ़ती हैं, इसलिए शिक्षा विभाग की भूमिका इस अभियान में अहम है।
जिला शिक्षा पदाधिकारी को प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
स्कूलों में समन्वय: सभी सरकारी और निजी स्कूलों, मदरसों के प्रधानाध्यापकों और संचालकों को टीकाकरण सत्र आयोजित करने और स्वास्थ्य विभाग के साथ सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
नोडल शिक्षक की नियुक्ति: प्रत्येक स्कूल में एक नोडल शिक्षक को नामित किया जाएगा, जो टीकाकरण सत्र के संचालन और समन्वय के लिए जिम्मेदार होगा।
अभिभावकों को जागरूक करना: स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अभिभावकों को एचपीवी टीके के लाभों के बारे में जानकारी दें और उन्हें अपनी बेटियों को टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करें।
जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अभियान को गति देने के लिए तैयारियाँ शुरू कर दी हैं। बिहारशरीफ के स्कूलों में नोडल शिक्षकों की नियुक्ति और अभिभावक जागरूकता कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर स्कूल परिसरों में टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। ताकि बालिकाओं को स्कूल में ही यह सुविधा मिल सके।
इस अभियान की सफलता में अभिभावकों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि एचपीवी टीका सर्वाइकल कैंसर के खतरे को 90 फीसदी तक कम कर सकता है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के स्कूलों में आयोजित होने वाले जागरूकता सत्रों में भाग लें और टीकाकरण के लिए सहमति प्रदान करें।





