चंडी-इस्लामपुर में हादसों का कहर, तीन लोगों की दर्दनाक मौत

हिलसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के हिलसा अनुमंडल अंतर्गत चंडी और इस्लामपुर क्षेत्र में गुरुवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने तीन परिवारों को दुख के सागर में डुबो दिया। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से एक बुजुर्ग और एक युवक सहित तीन लोगों की जान चली गई। इन घटनाओं ने क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
चंडी थाना क्षेत्र के गौढ़ापर गांव के पास बिहटा-सरमेरा मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। स्थानीय निवासी 70 वर्षीय मथुरा यादव और उनके साथी महेश कुमार किसी कार्य से घर से निकले थे। बिहारशरीफ की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार अनियंत्रित टोटो ने दोनों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में मथुरा यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि महेश कुमार को मामूली चोटें आईं।
स्थानीय लोगों की मदद से मथुरा यादव को तुरंत चंडी रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बिहारशरीफ रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश बिहारशरीफ ले जाते समय उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिहटा-सरमेरा मार्ग को लगभग 15 मिनट तक जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। चंडी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और जाम हटवाया।
मुखिया अशोक शर्मा ने बताया कि मृतक के परिवार को पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20,000 रुपये और कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत 3,000 रुपये की सहायता प्रदान की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेजा गया।
शेखपुरा मोड़ पर अज्ञात ट्रैक्टर ने ली युवक की जान
इसी दिन चंडी थाना क्षेत्र के जैतीपुर से हरनौत जाने वाली सड़क (एनएच 431) पर शेखपुरा मोड़ के पास एक और हादसा हुआ। बदरवाली गांव के 40 वर्षीय संजय कुमार पैदल नरसंडा बाजार जा रहे थे। तभी एक अज्ञात ट्रैक्टर की चपेट में आकर उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
मृतक की पत्नी ज्योति देवी ने बताया कि संजय सुबह बाजार के लिए निकले थे और शेखपुरा मोड़ से मात्र 100 मीटर आगे बढ़े थे कि यह हादसा हो गया।
चंडी थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया।
तेज रफ्तार ट्रक ने ली बुजुर्ग की जान, ग्रामीणों ने जाम की सड़क
इसलामपुर-गया मुख्य सड़क मार्ग पर गोपालगंज गांव के समीप सुबह एक दुखद हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। तेज रफ्तार से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने 65 वर्षीय राजेंद्र दास को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत इसलामपुर सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए पावापुरी विम्स रेफर किया गया। दुर्भाग्यवश अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई।
मृतक राजेंद्र दास इसलामपुर थाना क्षेत्र के अमरूदिया बिगहा गांव के निवासी थे। परिजनों के अनुसार वह सुबह अपने खेत पर कृषि कार्य के लिए पैदल जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश फैला दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर राजेंद्र दास के शव को सड़क पर रखकर इसलामपुर-गया मार्ग को करीब एक घंटे तक जाम कर दिया।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही इसलामपुर थाना पुलिस और प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को शांत किया। मृतक के परिजनों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20,000 रुपये का चेक और वार्ड पार्षद दिनेश पासवान द्वारा कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत 3,000 रुपये की सहायता प्रदान की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम हटाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया।
इन हादसों ने चंडी-इस्लामपुर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तेज रफ्तार वाहन, सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए उचित व्यवस्था का अभाव और वाहन चालकों की लापरवाही इन हादसों के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से सड़कों पर स्पीड ब्रेकर, ट्रैफिक सिग्नल और पैदल पथ निर्माण की मांग की है। ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। प्रशासन को सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। इन हादसों ने गौढ़ापर और बदरवाली गांवों में शोक की लहर दौड़ा दी है।





