बिहार बदलाव यात्राः चंडी में PK की जनसभा में उमड़ी भीड़, दिया जोरदार भाषण

चंडी (नालंदा दर्पण)। बिहार को बदलने की मुहिम में जुटे जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की बिहार बदलाव यात्रा ने चंडी प्रखंड में एक नया अध्याय जोड़ा। बापू हाईस्कूल के मैदान पर आयोजित जनसभा में हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े, जहां प्रशांत किशोर ने गरीबी, शिक्षा और रोजगार जैसे ज्वलंत मुद्दों पर जोरदार भाषण दिया। भीषण गर्मी के बावजूद मैदान खचाखच भरा रहा, जो दर्शाता है कि बिहार के लोग अब बदलाव की बयार में शामिल होने को बेताब हैं।
जनसभा की शुरुआत सुबह से ही हो गई थी। ग्रामीण इलाकों से महिलाएं, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में पहुंचने लगे। मैदान में ‘जनसुराज’ के झंडे लहरा रहे थे और नारे गूंज रहे थे। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंच संभाला और चंडी क्षेत्र की जमीनी समस्याओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग की। विशेष रूप से मुहाने नदी के मुंह को खोलने पर जोर दिया गया। एक स्थानीय नेता ने कहाकि समय रहते अगर मुहाने नदी का मुंह नहीं खोला गया, तो चंडी प्रखंड सहित आसपास के इलाकों में लोग पानी के लिए तरस जाएंगे। बाढ़ और सूखे की दोहरी मार से बचाव के लिए यह जरूरी है।
मुख्य वक्ता के रूप में प्रशांत किशोर ने मंच संभाला तो पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा। उन्होंने बिहार की गरीबी को जड़ से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया और कहा कि बिहार में गरीबी कैसे खत्म की जाए? हमारे आपके 50 लाख बिहार के लड़के किसी फैक्ट्री, किसी खेत में या किसी सड़क किनारे मजदूरी कर रहे हैं। अपनी हड्डी जला रहे हैं, अपना पेट काटते हैं कि घर 6 से 8 हजार रुपये भेजेंगे, तो हमारा बाल-बच्चा खाएगा।
पीके ने कहा कि अगर अपने बच्चों को गरीबी से निकालना चाहते हैं तो 15 मिनट गर्मी बर्दाश्त कीजिए। इसी हाथ में सारी शक्ति है। आप अपना शक्ति भूल गए हैं। इसी हाथ से जिसका बटन दबा दीजिएगा, वहीं से राजा पैदा हो जाएगा।
उन्होंने बिहार के विकास पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में पढ़ाई और रोजगार की सुविधाएं होनी चाहिए। नालंदा के लोग समझदार हैं। पूरे बिहार में 5 किलो अनाज में चोरी कर चार किलो दिया जा रहा है। आपके बच्चे के लिए स्कूल, अस्पताल नहीं बना है, लेकिन आपके वोट से अयोध्या में मंदिर बन गया है।
उन्होंने आगे कहा कि गरीबों ने गैस सिलिंडर के लालच में मोदी को वोट दिया, लेकिन सिलिंडर एक हजार का हो गया, जो गरीबों के बस की बात नहीं है। मोदी जी गुजरात में फैक्ट्री लगा रहे हैं, आप वोट दिए गुजरात में फैक्ट्री लग गई। आप सभी वहां काम करने जाएंगे। आपने शिक्षा के लिए वोट नहीं दिया। आपको अपने बच्चों की चिंता करनी है। यहां आधा से ज्यादा लोगों के बदन पर कपड़ा नहीं है, पैर में चप्पल नहीं है।
प्रशांत किशोर ने लोगों से अपील की कि वे जाति-पात, धर्म और छोटी-छोटी राजनीतिक चालों से ऊपर उठकर बिहार के भविष्य के लिए सही निर्णय लें। उनका भाषण न केवल राजनीतिक था, बल्कि भावनात्मक भी, जो लोगों के दिलों को छू गया।
जनसभा में जनसुराज के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि बदलाव यात्रा का उद्देश्य बिहार को आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे और पुलिस प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
यह जनसभा नालंदा जिले के लिए एक महत्वपूर्ण घटना साबित हुई, जहां लोग न केवल सुनने आए, बल्कि बदलाव का हिस्सा बनने को तैयार दिखे। प्रशांत किशोर की मुहिम अब आगे के जिलों में जारी रहेगी, और चंडी की यह सभा बिहार की राजनीति में एक नई लहर पैदा कर सकती है।





