कुदाल से गला काटकर पत्नी की हत्या, विधवा से रचाई थी दूसरी शादी

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर थाना क्षेत्र में गुलजारबाग गांव में रविवार की रात एक पति ने अपनी दूसरी पत्नी की क्रूरता से हत्या कर दी। कुदाल से गला काटकर महिला को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी पति फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक जहानाबाद जिले के सेवनन गांव निवासी संजय मांझी (50 वर्ष) ने अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद नई जिंदगी की तलाश में कदम बढ़ाया था। उन्होंने गुलजारबाग गांव की रहने वाली विधवा गिरानी देवी (60 वर्ष) से दूसरी शादी रचाई और यहीं बस गए। दोनों का वैवाहिक जीवन शुरू में सामान्य लग रहा था, लेकिन धीरे-धीरे छोटी-मोटी नोंकझोंक बड़ी विवादों में बदल गई।
गांव वाले बताते हैं कि संजय और गिरानी के बीच अक्सर झगड़े होते थे, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह विवाद इतना भयानक रूप ले लेगा।
मृतका गिरानी देवी के पुत्र धनतेरस मांझी ने बताया कि वह रात को घर से थोड़ी दूर सामुदायिक भवन में सोया हुआ था। सुबह जब वह घर लौटा तो दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। मां गिरानी देवी फर्श पर खून से लथपथ पड़ी हुई थीं और उनका गला कुदाल से बुरी तरह कटा हुआ था।
धनतेरस ने बताया कि वह शव देखते ही चीख पड़ा और पड़ोसियों को बुलाया। पिताजी संजय कहीं नजर नहीं आ रहे थे। यह सब देखकर लगा जैसे कोई बुरा सपना हो। धनतेरस की सूचना पर गांव वाले जमा हो गए और तुरंत स्थानीय पुलिस को खबर दी गई।
पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया गया, जिसने साक्ष्य जुटाए। कुदाल सहित अन्य संदिग्ध वस्तुओं को जब्त किया गया।
थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय के अनुसार यह एक स्पष्ट हत्या का मामला लगता है। पुलिस आरोपी संजय मांझी की तलाश में हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। परिवारिक विवाद की वजह से यह घटना हुई लगती है, लेकिन पूरी जांच के बाद ही सारी सच्चाई सामने आएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
बता दें कि गिरानी देवी का परिवार पहले से ही बड़ा था। उनकी पहली शादी से दो पुत्र करीमन मांझी (40 वर्ष) और छोटे मांझी (36 वर्ष) तथा दो पुत्रियां हैं, जो सेवनन गांव में रहते हैं। संजय मांझी से उन्हें दो पुत्र हुए दिलीप मांझी (30 वर्ष) और धनतेरस मांझी।
दिलीप चेन्नई में निजी नौकरी करता है, जबकि धनतेरस गांव में ही रहकर परिवार का सहारा बना हुआ था। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरा सदमा पहुंचाया है। गांव की महिलाएं बताती हैं कि गिरानी देवी एक मेहनती और शांत स्वभाव की महिला थीं, जो घर-परिवार संभालने में माहिर थीं। लेकिन दूसरी शादी के बाद उनके जीवन में आई तनाव ने सब कुछ बदल दिया।





