नालंदा अभियंत्रण महाविद्यालय में मुंगेर की छात्रा की मौत, छात्रों का गुस्सा फूटा, तोड़फोड़ और आगजनी, पुलिस ने संभाला मोर्चा

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। चंडी स्थित नालंदा अभियंत्रण महाविद्यालय (एनईसी) में बुधवार की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे कैंपस को हिलाकर रख दिया। मुंगेर जिले की रहने वाली द्वितीय वर्ष की सिविल इंजीनियरिंग छात्रा सोनम कुमारी की कथित खुदकुशी ने न केवल छात्रों के बीच सदमा पैदा किया, बल्कि कॉलेज प्रबंधन की कथित लापरवाही पर गुस्से की आग भड़का दी।

देखते ही देखते छात्रावास से सड़क तक अफरा-तफरी मच गई, जहां छात्रों ने तोड़फोड़ की, एक स्कूटी को आग के हवाले कर दिया और प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए। अगर यह घटना दिन में होती तो शायद हालात और बेकाबू हो जाते। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति पर काबू पाया गया, लेकिन गुरुवार को भी कैंपस में तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस टीम अब कॉलेज में कैंप कर रही है और जांच में जुटी हुई है।

A student from Munger died at Nalanda Engineering College sparking student anger vandalism and arson police responded 1
A student from Munger died at Nalanda Engineering College, sparking student anger, vandalism and arson; police responded.

मुंगेर की मूल निवासी सोनम कुमारी ने रात करीब नौ बजे के बाद छात्रावास की तीसरी मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सोनम की सहपाठी शिखा ने सबसे पहले उसकी लाश को देखा।

शिखा ने बताया कि रात के समय उसने सोनम को मेस में चलने के लिए कहा था, लेकिन सोनम ने जवाब दिया कि ‘नमकीन खा ली है, पेट भर चुका है’। इसके बाद शिखा मेस चली गई और वापस लौटकर कमरे में आई तो वहां सिर्फ लैपटॉप की रोशनी जल रही थी। सोनम का मोबाइल फोन रिसीव नहीं हो रहा था।

चिंतित होकर शिखा ने नीचे झांका तो जमीन पर सोनम की लाश पड़ी हुई थी। यह दृश्य देखकर शिखा चीखते हुए बेहोश हो गई। चीख सुनकर अन्य छात्राएं जाग गईं और पूरे छात्रावास में हड़कंप मच गया।

कुछ छात्राओं ने बताया कि सोनम को देर रात छत पर टहलते हुए देखा गया था। क्या यह सुसाइड था या कोई हादसा? इस सवाल का जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। कॉलेज कैंपस में चर्चाओं का बाजार गर्म है। कुछ लोग पारिवारिक तनाव की बात कर रहे हैं तो कुछ कॉलेज की पढ़ाई के दबाव को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। पुलिस ने सोनम के मोबाइल और लैपटॉप को जब्त कर लिया है और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है।

घटना के बाद जो हुआ, वह और भी चौंकाने वाला था। छात्राओं का आरोप है कि सोनम गंभीर रूप से घायल थी, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने इंसानियत का तकाजा तक नहीं निभाया। प्राचार्य ने अपना निजी वाहन देने से साफ इनकार कर दिया, जबकि एंबुलेंस आने में काफी देर हो गई। नतीजतन सोनम को रेफरल अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

यह लापरवाही छात्रों के गुस्से की चिंगारी बन गई। भड़के छात्रों ने कॉलेज परिसर में जमकर तोड़फोड़ की। बेंचें, दरवाजे, खिड़कियां सब चकनाचूर कर दी गईं। इतना ही नहीं वाहन न मिलने की झुंझलाहट में छात्रों के एक गुट ने कॉलेज की एक स्कूटी में आग लगा दी। कॉलेज से अस्पताल तक का रास्ता छात्रों के गुस्से से थर्रा उठा।

हिलसा एसडीएम और डीएसपी की टीम देर रात मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने छात्रों को शांत कराया और प्रबंधन से पूछताछ शुरू की। गुरुवार सुबह तक कैंपस में तनाव बरकरार रहा, लेकिन पुलिस की मौजूदगी से कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

फिलहाल पुलिस ने सोनम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह का पता चलेगा। फिलहाल आत्महत्या की वजह अज्ञात है, लेकिन पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। परिवार से संपर्क किया जा रहा है, सहपाठियों के बयान दर्ज हो रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए छात्रों ने मांग की है कि प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

सोनम की सहेलियां अभी भी सदमे में हैं। शिखा ने बताया कि वह हमारी अच्छी दोस्त थी। समझ नहीं आ रहा कि अचानक ऐसा क्या हुआ? कॉलेज प्रशासन ने घटना पर दुख जताया है और जांच में सहयोग का आश्वासन दिया है, लेकिन छात्रों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा। पुलिस ने कैंपस में कैंप कर रखा है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

ऐसी घटनाओं पर मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि कॉलेज जीवन में तनाव, घर से दूर रहना और पढ़ाई का दबाव अक्सर छात्रों को अवसाद की ओर धकेल देता है। नालंदा जैसे ग्रामीण इलाके में स्थित कॉलेजों में काउंसलिंग की सुविधा की कमी एक बड़ी समस्या है। इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में छात्रों की मानसिक स्वास्थ्य और प्रबंधन की लापरवाही पर ध्यान देने की जरूरत को रेखांकित किया है।

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