
नालंदा दर्पण डेस्क / मुकेश भारतीय। हिलसा विधानसभा क्षेत्र बिहार के नालंदा जिले में स्थित एक सामान्य श्रेणी का विधानसभा क्षेत्र है, जो नालंदा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह क्षेत्र कृषि-प्रधान है और कुर्मी, यादव, कोइरी जैसी जातियों का प्रभाव यहां मजबूत है। नीतीश कुमार के प्रभाव वाला यह क्षेत्र हाल के वर्षों में अत्यधिक प्रतिस्पर्धी रहा है, जहां हार-जीत के अंतर बेहद कम रहे हैं।
हम सभी उपलब्ध ऐतिहासिक चुनाव परिणामों (1957 से 2020 तक) के आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं। डेटा मुख्य रूप से चुनाव आयोग (ECI), विकिपीडिया और अन्य विश्वसनीय स्रोतों (जैसे IndiaVotes) से संकलित किए गए है। प्रारंभिक वर्षों (1957-2000) में केवल विजेता और पार्टी के आंकड़े उपलब्ध हैं, क्योंकि विस्तृत वोटिंग डेटा सीमित है।
वहीं वर्ष 2005 से वर्तमान तक विस्तृत डेटा (वोट, प्रतिशत, अंतर) उपलब्ध है। 2025 का चुनाव 6-11 नवंबर 2025 को निर्धारित है, इसलिए उसके परिणाम अभी उपलब्ध नहीं हैं। प्रमुख उम्मीदवारों पर फोकस किया गया है; सभी स्वतंत्र/छोटे उम्मीदवारों का उल्लेख नहीं किया गया।
ऐतिहासिक विजेताओं की सूची (1957-2020 तक)
| वर्ष | विजेता | पार्टी | मतों की संख्या (यदि उपलब्ध) | प्रतिशत (यदि उपलब्ध) | हार-जीत का अंतर (यदि उपलब्ध) | उपविजेता | उपविजेता की पार्टी |
| 1957 | लाल सिंह त्यागी | INC | – | – | – | – | – |
| 1962 | जगदीश प्रसाद | BJS | – | – | – | – | – |
| 1967 | अवधेश कुमार सिंह | INC | – | – | – | – | – |
| 1969 | जगदीश प्रसाद | BJS | – | – | – | – | – |
| 1972 | नवल किशोर सिन्हा | INC | – | – | – | – | – |
| 1977 | जगदीश प्रसाद | JP | – | – | – | – | – |
| 1980 | जगदीश प्रसाद | BJP | – | – | – | – | – |
| 1985 | सुरेंद्र प्रसाद तरुण | INC | – | – | – | – | – |
| 1990 | किशनदेव सिंह यादव | IPF | 1,22,545 | 69.7% | 5,777 | – | JD |
| 1995 | बैजू प्रसाद | JD | – | – | – | – | – |
| 2000 | रामचरित्र प्रसाद सिंह | SAP | – | – | – | – | – |
| 2005 (फरवरी) | अनाम (JD(U) प्रत्याशी) | JD(U) | – | – | – | – | – |
| 2005 (अक्टूबर) | अनाम (JD(U) प्रत्याशी) | JD(U) | – | – | – | – | – |
| 2010 | उषा सिन्हा | JD(U) | 54,974 | 43.61% | 7,412 | रीना देवी | LJP |
| 2015 | शक्ति सिंह यादव (अत्री मुनि उर्फ) | RJD | 72,347 | 48.39% | 26,076 | दीपिका कुमारी | LJP |
| 2020 | कृष्णमुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया | JD(U) | 61,848 | 37.35% | 12 | शक्ति सिंह यादव | RJD |
- यहां कुल मतदाता (2020): 2,92,643; मतदान प्रतिशत: 56.2%।
- 1990 के लिए विस्तृत डेटा IndiaVotes से लिया गया। अन्य प्रारंभिक वर्षों में वोट डेटा ECI आर्काइव में सीमित है।
- JD(U) ने 2005 से लगातार प्रभुत्व बनाए रखा, लेकिन 2015 में RJD ने छीना।
प्रमुख चुनावों के विस्तृत आंकड़े (प्रमुख उम्मीदवार, वोट और प्रतिशत)
यहां 2010, 2015 और 2020 के प्रमुख उम्मीदवारों के आंकड़े प्रस्तुत किए हैं (टॉप 5-6 + NOTA)। प्रारंभिक वर्षों के लिए विस्तृत डेटा अनुपलब्ध होने से केवल विजेता सूचीबद्ध है।
2010 चुनाव (कुल मतदाता: 2.41 लाख और मतदान: 52.4%)
| क्रम | उम्मीदवार | पार्टी | वोट | प्रतिशत |
| 1 | उषा सिन्हा | JD(U) | 54,974 | 43.61% |
| 2 | रीना देवी | LJP | 47,562 | 40.66% |
| 3 | अन्य (विस्तृत अनुपलब्ध) | – | – | – |
| – | NOTA | – | अनुपलब्ध | – |
2015 चुनाव (कुल मतदाता: 2.79 लाख और मतदान: 53.5%)
| क्रम | उम्मीदवार | पार्टी | वोट | प्रतिशत |
| 1 | शक्ति सिंह यादव (अत्री मुनि उर्फ) | RJD | 72,347 | 48.39% |
| 2 | दीपिका कुमारी | LJP | 46,271 | 30.95% |
| 3 | श्याम नारायण प्रसाद | CPI(ML)L | 5,415 | 3.62% |
| 4 | सुधीर कुमार | IND | 5,263 | 3.52% |
| 5 | राजीव रंजन कुमार उर्फ जे.पी. चंद्रवंशी | IND | 3,796 | 2.54% |
| 6 | संतोष कुमार | IND | 3,176 | 2.12% |
| – | NOTA | – | 3,405 | 2.28% |
2020 चुनाव (कुल मतदाता: 2.93 लाख और मतदान: 56.2%)
| क्रम | उम्मीदवार | पार्टी | वोट | प्रतिशत |
| 1 | कृष्णमुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया | JD(U) | 61,848 | 37.35% |
| 2 | शक्ति सिंह यादव | RJD | 61,836 | 37.35% |
| 3 | कुमार सुमन सिंह | LJP | 17,471 | 10.55% |
| 4 | रामविलाफ पासवान | BSP | 3,082 | 1.86% |
| 5 | दुलार चंद प्रसाद | IND | 2,843 | 1.72% |
| 6 | कपिल प्रसाद | IND | 2,791 | 1.69% |
| – | NOTA | – | 1,022 | 0.62% |
अबतक प्रमुख उम्मीदवारों का उल्लेखनीय इतिहास
- जगदीश प्रसाद: 1962, 1969 (BJS), 1977 (JP), 1980 (BJP) में विजयी। भाजपा/दक्षिणपंथी दलों के मजबूत चेहरे।
- शक्ति सिंह यादव: 2015 में RJD से विजयी; 2020 में JD(U) से मात्र 12 वोटों से हारे। यादव समुदाय के प्रमुख नेता।
- उषा सिन्हा: कभी लालू यादव के सहयोगी रही और 2010 में नीतीश कुमार की कृपा से JD(U) से विजयी।
- कृष्णमुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया: 2020 में JD(U) से विजयी। स्थानीय प्रभावशाली।
- अन्य: LJP के उम्मीदवार (रीना देवी, दीपिका कुमारी, कुमार सुमन सिंह) ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।
हिलसा क्षेत्र के चुनावी इतिहास को तीन चरणों में बांटा जा सकता है। प्रारंभिक (1957-1985: कांग्रेस-विरोधी लहर), मध्य (1990-2000: क्षेत्रीय दलों का उदय) और आधुनिक (2005-2020: JD(U)-RJD की द्वंद्वपूर्ण प्रतिस्पर्धा)।
प्रारंभिक प्रभुत्व (1957-1985): कांग्रेस (INC) ने 1957, 1967, 1972 और 1985 में जीत हासिल की, लेकिन 1962-1969 में भारतीय जनसंघ (BJS, भाजपा का पूर्ववर्ती) के जगदीश प्रसाद ने दो बार तोड़ा। 1977 में जनता पार्टी (JP) की लहर में भी जगदीश प्रसाद विजयी। यह दौर राष्ट्रीय दलों का था, जहां INC का ग्रामीण-कृषक आधार मजबूत था। हार-जीत के आंकड़े अनुपलब्ध होने से सटीक विश्लेषण कठिन, लेकिन INC की 4 जीतें vs BJS/JP/BJP की 4 जीतें संतुलन दर्शाती हैं।
क्षेत्रीय दलों का उदय (1990-2000): 1990 में IPF (इंडियन पीपुल्स फ्रंट, लालू प्रसाद से जुड़ा) की जीत से पिछड़ी जातियों का प्रभाव बढ़ा। 1995 में JD (जनता दल) और 2000 में SAP (समता पार्टी, नीतीश कुमार की पूर्व पार्टी) ने जीत ली। यह दौर मंडल आयोग के बाद जाति-आधारित राजनीति का था, जहां यादव-कुर्मी गठबंधन प्रमुख रहा। IPF की 1990 जीत में 69.7% वोट शेयर असाधारण था, जो क्षेत्रीय असंतोष को दर्शाता है।
आधुनिक प्रतिस्पर्धा (2005-2020): JD(U) ने 2005 (दोनों चुनाव), 2010 और 2020 में जीत हासिल की, लेकिन 2015 में RJD ने छीन ली। नीतीश कुमार का प्रभाव यहां स्पष्ट। JD(U) का वोट शेयर 2005-2020 में 37-43% रहा।
निकट मुकाबले: 2020 का 12 वोटों का अंतर (0.007% मार्जिन) बिहार का सबसे कम अंतर है, जो पुनर्गणना विवाद का कारण बना। 2010 में 2.95% और 2015 में 17.44% मार्जिन।
LJP की भूमिका: हर हाल में 10-40% वोट, लेकिन कभी जीत नहीं। चिराग पासवान का दल पासवान वोट बैंक का प्रतिनिधित्व करता है।
जाति गतिशीलता: यादव (RJD), कुर्मी (JD(U)), दलित (LJP/BSP) प्रमुख। 2020 में RJD-JD(U) दोनों 37.35% पर बराबर, लेकिन JD(U) ने गठबंधन लाभ से जीता।
मतदान ट्रेंड: 52-56% के बीच स्थिर; 2020 में मामूली वृद्धि। NOTA का उपयोग 0.6-2.3% रहा, जो असंतोष दर्शाता है।
प्रभावशाली कारक: रोजगार, कृषि सब्सिडी और नीतीश की विकास योजनाएं। 2015 में लालू-नीतीश गठबंधन टूटने से RJD मजबूत हुई, लेकिन 2020 में NDA ने पलटवार किया।
कुल मिलाकर हिलसा एक ऐसा किंगमेकर क्षेत्र है, जहां छोटे अंतर से सरकारें प्रभावित होती हैं। JD(U) का 4/5 जीत (2005-2020) नीतीश के व्यक्तिगत प्रभाव को दिखाता है, लेकिन RJD की मजबूती (2 निकट हार) महागठबंधन की संभावना दर्शाती है। 2025 में शक्ति सिंह यादव (RJD) और कृष्णमुरारी शरण (JD(U)) के बीच कड़ा मुकाबला तय है। जन सुराज की दखल अप्रत्याशित परिणाम तय कर सकता है।







