इस प्राइवेट स्कूल का प्रिंसिपल बना हैवान, पांचवीं कक्षा के छात्र पर ढाया कहर
बेन (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के बेन थाना क्षेत्र में स्थित बेन बाजार के स्वामी विवेकानंद नामक प्राइवेट स्कूल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां स्कूल के प्रिंसिपल पर पांचवीं कक्षा के एक मासूम छात्र की बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है। छात्र के परिजनों ने प्रिंसिपल के इस हैवानियत भरे रवैये की शिकायत बेन थाने में दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना शुक्रवार अपराह्न करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है, जब स्कूल में सभी छात्र मौजूद थे। पिटाई के कारण छात्र के शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और उसकी पीठ पर डंडे के गहरे निशान पड़ गए हैं। घायल छात्र को तुरंत बेन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
छात्र के परिजनों का दर्दनाक बयान: ‘मामूली गलती पर बच्चे को मार डाला’
घायल छात्र विवेक कुमार के पिता मनीष कुमार ने बताया कि उनका बेटा पांचवीं कक्षा में पढ़ता है और शुक्रवार को स्कूल में मामूली सी गलती के कारण प्रिंसिपल ने उसे डंडे से बुरी तरह पीटा।
मनीष कुमार ने आंसू भरी आंखों से कहा, ‘मेरा बच्चा अभी सिर्फ 10-11 साल का है। प्रिंसिपल मुकेश कुमार ने गुस्से में आकर डंडे से उसकी पिटाई की, जिससे उसके शरीर पर कई जगह चोटें आईं। पीठ पर तो डंडे के निशान साफ दिख रहे हैं। पिटाई उस समय हुई जब स्कूल में सभी बच्चे मौजूद थे। मेरे बच्चे की चीखें सुनकर अन्य छात्र डर गए होंगे।’
उन्होंने आगे कहा कि पिटाई इतनी बेरहम थी कि विवेक बेहोश हो गया और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में छात्र की पीठ, कमर और हाथों पर गंभीर चोटों की पुष्टि की है। मनीष कुमार ने आगे बताया कि स्कूल प्रबंधन ने पहले कभी ऐसी शिकायत नहीं की थी और अचानक इस तरह की सजा देना पूरी तरह गलत है। हमने तुरंत बेन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस से उम्मीद है कि दोषी पर सख्त कार्रवाई होगी।’
प्रिंसिपल का पक्ष: ‘छात्र लड़कियों से अभद्रता करता था, कई बार चेतावनी दी’
दूसरी ओर, स्वामी विवेकानंद स्कूल के प्रिंसिपल मुकेश कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, ‘छात्र विवेक कुमार स्कूल में और रास्ते में लड़कियों के साथ अभद्र व्यवहार करता था। हमने कई बार उसके अभिभावकों को बुलाया और शिकायत की, लेकिन वे स्कूल नहीं आए। शुक्रवार को फिर शरारत करते पकड़ा गया तो अनुशासन बनाए रखने के लिए पिटाई की गई। यह कोई हैवानियत नहीं, बल्कि स्कूल की मर्यादा बचाने का प्रयास था।’
प्रिंसिपल ने दावा किया कि पिटाई हल्की थी और चोटें अतिरंजित बताई जा रही हैं। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि अभिभावक ने थाने में शिकायत कर दी है और पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस की जांच शुरू: थानाध्यक्ष बोले- ‘आवेदन पर कार्रवाई’
बेन थाना प्रभारी रविराज सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि छात्र के पिता मनीष कुमार ने लिखित आवेदन देकर प्रिंसिपल मुकेश कुमार पर पिटाई का आरोप लगाया है। थानाध्यक्ष ने कहा कि ‘हमने शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। छात्र के मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और स्कूल के अन्य छात्रों से पूछताछ की जाएगी। अगर आरोप साबित हुए तो प्रिंसिपल के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी।’ स्कूल में मौजूद अन्य छात्रों और शिक्षकों के बयान महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि पिटाई सार्वजनिक रूप से हुई थी।
सामाजिक प्रतिक्रिया और कानूनी पहलू
यह घटना सामने आने के बाद बेन बाजार और आसपास के इलाके में लोगों में रोष है। अभिभावक संघ के कुछ सदस्यों ने स्कूल प्रबंधन की निंदा की और कहा कि निजी स्कूलों में शारीरिक सजा पर सख्ती से रोक लगनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत बच्चों पर शारीरिक सजा पूरी तरह प्रतिबंधित है। अगर प्रिंसिपल दोषी पाए गए तो उन्हें नौकरी से बर्खास्तगी से लेकर कानूनी सजा तक हो सकती है।





