नालंदा डीएम का बड़ा फैसला, 31 दिसंबर तक कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई स्थगित

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के ऐतिहासिक जिले नालंदा में इन दिनों सर्दी ने अपना पूरा कहर बरपा रखा है। सुबह-शाम घना कोहरा और दिन में भी ठिठुरन भरी हवा ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खासकर छोटे बच्चों के लिए स्कूल जाना मुश्किल हो गया है।
इसी को देखते हुए जिला दंडाधिकारी कुंदन कुमार ने बड़ा फैसला लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान और बढ़ती ठंड को आधार बनाकर नालंदा जिले के सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 10 तक की शैक्षणिक गतिविधियां 31 दिसंबर 2025 तक स्थगित कर दी गई हैं।
जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि ठंड और कोहरे के कारण छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। जिले में तापमान लगातार गिरावट दर्ज कर रहा है, और कई इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति बन रही है।
इससे पहले 24 दिसंबर तक कुछ प्रतिबंध थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर साल के अंत तक कर दिया गया है। हालांकि, कक्षा 11 और 12 के छात्रों के लिए प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखते हुए यह छूट नहीं दी गई है। इन कक्षाओं में पढ़ाई जारी रहेगी, लेकिन स्कूल प्रबंधन को सर्दी से बचाव के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। छोटे बच्चे ठंड और कोहरे में स्कूल आने-जाने में सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं। हम नहीं चाहते कि किसी बच्चे की सेहत पर असर पड़े।
उन्होंने सभी स्कूल प्रबंधनों को आदेश का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। अभिभावियों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
नालंदा जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि अवकाश के दौरान भी शिक्षक विभागीय कार्यों के लिए उपलब्ध रहें। साथ ही ऑनलाइन या वैकल्पिक तरीके से पढ़ाई जारी रखने की सलाह दी गई है, ताकि सिलेबस पर असर न पड़े। जिले के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आदेश का पालन हो।
बिहार के अन्य जिलों में भी ठंड को देखते हुए इसी तरह के फैसले लिए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे की स्थिति बरकरार रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में अभिभावियों को सलाह है कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और घर में ही पढ़ाई का माहौल बनाए रखें।





