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चंडी नगर पंचायत बोर्ड की बैठक में हंगामा, भारी गड़बड़ी की जांच का आदेश

चंडी (नालंदा दर्पण)। चंडी नगर पंचायत सभागार में अध्यक्ष मनोज कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में बतौर मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक हरिनारायण सिंह भी उपस्थित थे।

इसबैठक के दौरान नगर क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में खासतौर पर नल-जल योजना, पीएचडी विभाग से संबंधित कार्यों तथा नगर क्षेत्र में खराब पड़ी हाईमास्क लाइट की समस्या को लेकर वार्ड पार्षदों ने अपनी-अपनी बातें प्रमुखता से रखीं।

इसी क्रम में नगर पंचायत के उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार सुमन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिनांक 23 जनवरी 2025 को जेम पोर्टल पर टेंडर जारी किया गया था। पूरी प्रक्रिया के बाद सॉफनेटो सर्विसेज को 10 फरवरी को कार्य करने की अनुमति मिली। जिसके अगले ही दिन 11 फरबरी को बिना कार्य किए अध्यक्ष व कार्यपालक पदाधिकारी की मिलीभगत से 19 लाख 60 हजार रुपये की राशि की भुगतान कर दी गई। जिसमें अभी तक कोई कार्य नहीं हुआ।

उपाध्यक्ष ने बैठक में यह भी बताया कि उस समय नगर पंचायत चंडी के कार्यपालक पदाधिकारी वरुण कुमार दुबे के प्रशिक्षण में जाने के बाद नगर पंचायत सिलाव से एक माह के लिए कार्यपालक पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई थी।

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक हरि नारायण सिंह ने संबंधित बिंदुओं की नगर विकास विभाग से जांच कराने का निर्देश दिया।

वहीं बैठक के दौरान आवास सहायक रवि कुमार पर भी आरोप लगाए गए। वार्ड पार्षदों का कहना था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले फेज में कार्य सही ढंग से नहीं कराया गया, जिसको लेकर बैठक में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

वही कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. अनुपा कुमारी ने बताया कि नल-जल योजना के अंतर्गत आगे यूजर टैक्स भी लगाया जाएगा, जिससे योजना के संचालन एवं रखरखाव में सुविधा होगी।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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